पटना, जागरण संवाददाता। इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIC) में पहली बार ओपेन हार्ट सर्जरी (Open Heart Surgery) मंगलवार से आरंभ हो गई। पहली सर्जरी वैशाली जिले के महनार निवासी 35 वर्षीय युवक की हुई। युवक के दिल में एक बड़ा छेद था। उसका ओपेन हार्ट सर्जरी के माध्यम से आर्टियर सेप्टल डिफेक्ट (एएसडी क्लोजर) आपरेशन किया गया। इस सुविधा से बिहार में आमलोग जो हृदय की समस्‍याओं से जूझ रहे हैं, जिन्‍हें ओपन हार्ट सर्जरी की जरूरत है, उन्‍हें काफी फायदा होगा। 

अब मरीजों का होगा आपरेशन 

खास बात यह कि जिस पहले मरीज का आपरेशन किया गया, वह नि:शुल्‍क हुआ। आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार किया गया। विशेषज्ञ चिकित्‍सकों ने बताया कि युवक को जन्मजात बीमारी थी। संस्थान निदेशक डा. सुनील कुमार की देखरेख में यह एएसडी क्लोजर आपरेशन डा. ओपी शाह और सीटीवीएस सर्जन डा.  संतोष पांडेय की टीम ने किया। इनके साथ टीम में एनेस्थेटिक डा. सुधीर कुमार, डा. अविनाश, डा. सौरव, डा. रिषि, डा. रिशु थे। डा. संतोष और डा. अमिताभ ने बताया कि आइजीआइसी में अब इस तरह का आपरेशन लगातार हो सकेगा। 

अब तक आइजीआइएमएस में ही थी सुविधा 

बता दें कि इससे पहले बिहार के एकमात्र सरकारी संस्‍थान इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्‍थान (Indira Gandhi Institute of Medical Science) में ऐसी सुविधा थी। अब आइजीआइजी में भी मरीजों की ओपन हार्ट सर्जरी हो सकेगी। प्राइवेट हास्‍पीटलों में इसका खर्च करीब तीन से चार लाख तक आता है। लेकिन आइजीआइसी में केवल ऐसी दवाओं के पैसे लगेंगे जो अस्‍पताल में नहीं मिलते हैं। आपरेशन समेत अन्‍य खर्चे से लोग बच पाएंगे। आयुष्‍मान कार्ड वाले को कोई खर्च नहीं देना होगा। 

बता दें कि आइजीआइसी बिहार में हृदय रोग का सबसे बड़ा अस्‍पताल है। आम आदमी के लिए यह आशा की किरण की तरह है। कम खर्च में लाेग यहां इलाज कराते हैं। यहां बिहार के अलावा नेपाल और पड़ोसी राज्‍य के मरीज भी उपचार कराने आते हैं। 

Edited By: Vyas Chandra