पटना, जेएनएन। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने बुधवार को कोर्ट के आदेश पर 1308 विचाराधीन अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। पर्षद ने इनमें से 60 अभ्यर्थियों को जहां अयोग्य घोषित किया है जबकि 1248 अभ्यर्थी उत्तीर्ण रहे हैं। केंद्रीय चयन पर्षद के अध्यक्ष केएस द्विवेदी ने चयनित अभ्यर्थियों के 25 जिला बल व बीएमपी में नियुक्ति की अनुशंसा की है। उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पांच फरवरी से पांच मार्च के बीच नियुक्ति वाले जिला - बल में योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के शैक्षणिक और अन्य प्रमाण पत्रों की जांच में 60 अभ्यर्थियों को अयोग्य पाया गया है। इनमें 39 कैटेगिरी के मिसमैच के कारण अयोग्य पाए गए हैं। पर्षद ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए मूल प्रमाणपत्रों के अलावा आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड के साथ आवंटित जिला बल में योगदान करने का निर्देश दिया हैं।

दस वर्षों से लंबित था परिणाम

बता दें कि पुलिस मुख्यालय ने 16 जनवरी को मेरिट लिस्ट जारी कर 1308 अभ्यर्थियों में योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए पर्षद को पत्र लिखा था। पत्र में कहा था कि 2009 में  सिपाही के पदों पर बहाली (विज्ञापन संख्या 02/2009 ) हुई थी।

अगस्त 2010 में अंतिम रूप से चयनित 2219 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गयी थी। बाकी बचे 7891 पदों के लिए 7879 की सूची श्रेणीवार जारी की गयी थी। इसके विरोध में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी  हाइकोर्ट (एमजेसी सं. 125/2015 अनूप कुमार एवं अन्य बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) चले गए थे। 25 नवंबर 2019 को कोर्ट का फैसला आया। इस पर अमल करते हुए डीजीपी कार्यालय ने नियुक्ति के लिए 1308 विचाराधीन अभ्यर्थियों की सूची पर्षद को भेजी थी।

Posted By: Kajal Kumari

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