पटना, राज्य ब्यूरो। भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा हत्याकांड के अभियुक्त हरेश मिश्रा की जमानत याचिका को पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया। न्यायाधीश हेमंत कुमार श्रीवास्तव की एकलपीठ ने जमानत अर्जी पर सुनवाई कर उसे खारिज करते हुए निचली अदालत को आदेश दिया कि उक्त हत्याकांड के मामले में चल रहे ट्रायल को जल्द से जल्द पूरा करें । 

बता दें कि बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की हत्‍या वर्ष 2016 में अपराधियों ने कर दी थी। बताया जाता है कि घटना शाहपुर थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में घटी थी । उस समय वे एक शादी समारोह में भाग लेने के लिए पहुंचे हुए थे। इसी बीच हथियार से लैस अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। मौके पर ही विशेश्‍वर ओझा की मौत हो गई थी। घटना को लेकर बिहार में सियासी पारा भी चढ़ गया था।

इसी मामले में पुलिस ने हरेश मिश्रा व ब्रजेश मिश्रा को नामजद अभियुक्‍त बनाया था। ये दोनों शाहपुर के ही शिवाजीत मिश्रा के पुत्र हैं। काफी मशक्‍कत के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। खास बात कि हरेश पर बिहार सरकार ने उस समय 50 हजार रुपये का ईनाम भी रखा था। हरेश मिश्रा को गिरफ्तार करने में एसटीएफ को कामयाबी मिली थी। उसे एसटीएफ ने कोलकाता के उत्तर पाढ़ा थाना क्षेत्र के बिड़ला मोड़ से पकड़ा था। इतना ही नहीं, उस समय हरेश के साथ उसके बड़े भाई धनजंय भी मौजूद थे। तब एसटीएफ ने धनंजय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पुलिस ने हरेश के भाई नामजद ब्रजेश मिश्रा को भी गिरफ्तार कर लिया। ब्रजेश की गिरफ्तारी शाहपुर के सोनबरसा गांव में हुई थी। 

इसी मामले में हरेश ने पटना हाई कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की थी। इसकी सुनवाई बुधवार को हुई। पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश हेमंत कुमार श्रीवास्तव की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए हरेश की जमानत याचिका खारिज कर दी। 

Posted By: Rajesh Thakur

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