पटना, जेएनएन। बेलछी प्रखंड के आधा दर्जन गांवों में पहुंचकर गुरुवार को डॉक्टरों की टीम ने कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की। चिकित्सा प्रभारी डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि 16 संदिग्ध लोग पीएचसी में जाच के लिए पहुंचे, जबकि गदनपुरा पहुंची टीम ने पाच लोगों की प्रारंभिक जाच के बाद होम क्वारंटाइन में रहने का निर्देश दिया। वहीं जोधनबीघा में चार लोगों का मौके पर टीम के सदस्यों ने इलाज किया और आवश्यक सलाह दी।

इधर पंडारक के गोबर गाव में मेडिकल टीम ने एक मरीज का इलाज किया। डॉ. मदन कुमार के अनुसार, गुरुवार को क्षेत्र के कम हिस्सों से संक्रमण की खबर आई। ऐसे एक या ज्यादा मरीज को आइसोलेशन वार्ड में रखने की सलाह दी गई है। वहीं बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में बने फ्लू कॉर्नर में एक दर्जन मरीजों ने इलाज कराई। जबकि अथमलगोला के एक गाव में विदेशी नागरिक की उपस्थिति की सूचना से स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन में हड़कंप मच गया।

हालांकि चिकित्सा प्रभारी डॉ पशुपति प्रसाद सिंह ने बताया कि जेनेटिक कारणों से गाव के ही एक 45 वर्षीय व्यक्ति का रंग सफेद हो गया था। जो गांव में नहीं रहता था। बीमारी के डर से वह पश्चिम बंगाल से अपने गाव लौट आया था, जिसे कम लोग पहचानते थे। इसी बीच यह सूचना इलाके में फैल गई। मेडिकल टीम के अनुसार वह स्वस्थ है। ग्रामीणों ने बताया कि वह आसनसोल से पैदल ही चलकर गुरुवार को ही गाव पहुंचा था।

26 लोगों की मेडिकल टीम ने की जाच

मसौढ़ी प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कई मेडिकल टीम ने अलग-अलग गुरुवार को विभिन्न गांवों में कुल 26 लोगों की जाच की। इसमें 24 लोगों को सामान्य दवा दी गई और उन्हें अपने घरों में ही रहने की सलाह भी दी गई। इधर एक महिला समेत दो लोगों को जाच के लिए पीएमसीएच भेज दिया गया।

नौबतपुर से नौ संदिग्ध मरीज पटना रेफर

नौबतपुर में गुरुवार को नौबतपुर प्रखंड क्षेत्र के दो अलग अलग स्थानों से नौ संदिग्धों को कोरोना वायरस के संक्रमण की जाच को लेकर एम्स भेजा गया। बख्तियारपुर प्रखंड में लगातार तीसरे दिन गुरुवार को कोरोना वायरस के 38 संदिग्ध लोगों को होम क्वारंटाइन में रखा गया है। बुधवार और मंगलवार को भी संदिग्ध लोग मिले थे। ये सभी लोग दूसरे प्रदेशों से घर लौटे हैं। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ बीरेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में दूसरे प्रदेश से लौटे 38 लोगों जांच की गई। अब तक कुल 89 लोगों को होम क्वारंटाइन पर 14 दिनों के लिए रखा गया है। इनलोगों की देखभाल एवं दूसरे प्रदेशों से लौटे लोगों की पहचान के लिए क्षेत्र में 12 टीम कार्यरत हैं। एसडीएम ने पीएचसी का किया निरीक्षण गुरुवार को बख्तियारपुर पीएचसी का एसडीएम ने निरीक्षण किया। आइसोलेशन सेंटर नहीं बनाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस संबंध में एसडीएम सुमित कुमार ने बताया कि पीएचसी में आइसोलेशन सेंटर बनाए जाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब तक काम नहीं किया गया। साथ ही जगह-जगह गंदगी फैली थी। पीएचसी में छह बेड का आइसोलेशन सेंटर बनाया गया।

डब्लूएचओ की टीम ने 1392 घरों का किया सर्वे

फुलवारीशरीफ के रहने वाले एनएमसीएच में भर्ती छात्र के घर और उसके तीन किलोमीटर के परिधि में डब्लूएचओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम दूसरे दिन फुलवारी के सटे पंचायत के कई गाव का दौरा किया और लोगों को कोरोना लक्षण के बारे में जानकारी दी। इसकी जानकरी देते डब्लूएचओ के मॉनिटर फुलबाबू सिंह ने बताया कि आशा कार्यकर्ता, आगनबाड़ी सेविका व एक स्वास्थकर्मी समेत तीन सदस्यों की दस टीमें 1392 घरों के 5569 लोगों से कोरोना से सबंधित 6 प्रश्न पूछे। हालांकि सवालों के आधार पर किसी में भी कोरोना संबंधी लक्षण नहीं मिले। शुक्रवार को भी टीम घरों का सर्वे करेगी और लोगों से बातचीत करेगी। इस मौके पर हेल्थ प्रबंधक शिप्रा चौहान भी मौजूद रहीं।

दूसरे प्रदेश से पुनपुन आए 79 मरीजों की हुई जांच

देश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर पुनपुन के ऐसे कुछ ग्रामीण जो देश के विभिन्न हिस्सों में रहते थे। वे सभी पुनपुन लौट आए थे। प्रखंड स्तर पर टीम बनाकर प्रखंड के पैमार घाट, खपुरा, बेहरावा, अलावलपुर, मखदुमपुर, अहियाचक समेत अन्य जगहों पर डॉक्टरों ने उनकी जाच की। प्रखंड के हेल्थ मैनेजर अपराजिता ने बताया कि हरियाणा, दिल्ली, बेंगलुरु, नागालैंड, गुजरात, सूरत समेत अन्य जगहों से लौटे 79 लोगों के स्वास्थ्य की जांच गुरुवार को की गई है।

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