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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार में बाढ़: कोसी-कमला सहित कई नदियों ने धरा विकराल रूप, अबतक 46 की मौत

By Kajal KumariEdited By:
Published: Tue, 16 Jul 2019 10:45 AM (GMT+05:30)Updated: Tue, 16 Jul 2019 10:00 PM (GMT+05:30)

पूर्वोत्तर बिहार के कई हिस्सो में नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी जारी है। बाढ़ की वजह से अबतक 46 लोगों ...और पढ़ें

बिहार में बाढ़: कोसी-कमला सहित कई नदियों ने धरा विकराल रूप, अबतक 46 की मौत
बिहार में बाढ़: कोसी-कमला सहित कई नदियों ने धरा विकराल रूप, अबतक 46 की मौत

पटना, जेएनएन। बिहार में बाढ़ का कहर लगातार जारी है, इसकी वजह से अब तक बिहार में 46 लोगों की मौत की खबर है। सोमवार की शाम तक बाढ़ से हुई मौत का आंकड़ा 35 था जो मंगलवार की सुबह तक बढ़कर 46 तक जा पहुंचा है। बता दें कि बिहार के 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं जबकि 19 लाख से ज्यादा लोग इसकी वजह से घर छोड़कर जहां-तहां शरण लिए हुए हैं। 

समस्तीपुर में उफनाई कोसी-कमला नदी

आज जहां समस्तीपुर के रोसड़ा में कोसी कमला के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है तो वहीं जिले के बिथान थाना के चार पंचायत जलमग्न हो गए हैं। रोसड़ा प्रखंड का मुख्यालय से गांवों का संपर्क कट गया है। वहीं फाटक गिराने से भिखनौलिया सुइस गेट टूट गया है। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 3 फीट बढ़ा है और लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं।

मधुबनी में टूटा बांध, कई गांव जलमग्न

मधुबनी में महाराजी बांध कई जगहों से टूट गया है जिससे पश्चिमी क्षेत्रों के दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं। कई गांवों का मुख्य सड़क से सम्पर्क कट गया है।बेनीपट्टी अनुमंडल में बना है महाराजी बांध, जो टूट गया है।जिले के गेहूंआ नदी के बाढ़ के पानी में किशोर की डूबने से मौत की खबर है। 

मोतिहारी में बाढ़ के पानी में डूबे दो बच्चों का शव बरामद

वहीं, मोतिहारी में कल पानी में डूबे बच्चों का शव मिल गया है। 20 घंटे पहले बाढ़ के पानी में बच्चे डूबे थे और उनके शवों की तलाश की जा रही थी। एक बच्चा और एक बच्ची का शव बरामद हुआ है। ग्रामीणों के सहयोग से दोनों का शव निकाला गया। जिले के कुण्डवा चैनपुर थाना के भवानीपुर गांव की घटना है। 

 

दरभंगा-सीतामढ़ी को जोड़ने वाला पुल बहा 

दरभंगा में नदी में आई  बाढ़ की तेज धार ने लोगों की आखों के सामने ही सड़क पर बने पुल के एक हिस्से को बहा दिया। दरभंगा से जाले होते हुए सीतामढ़ी को जोड़नेवाली बाइपास सड़क पर बने इस पुल के बह जाने से प्रखंड मुख्यालय और NH-57 से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। जिस समय पुल टूटा उस समय लोग पुल पर ही जमा थे और पुल टूटने की घटना को अपने मोबाइल में कैद कर रहे थे। 

 दरभंगा - सीतामढ़ी के बीच रेल परिचालन प्रभावित 

पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि समस्तीपुर रेल मंडल के दरभंगा - सीतामढ़ी रेल खंड पर आज मध्य रात्रि  01:50 बजे सूचना मिली कि कमतौल - जोगियारा के बीच बाढ़ का पानी रेल पुल संख्या 18 के ख़तरे के निशान को पार कर गया है। रेल संरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल रेल परिचालन रोक दिया गया है। जलस्तर की निगरानी की जा रही है। 

बाढ़ से 46 से ज्यादा लोगों की मौत

बिहार में बाढ़ से हुई मौत के आंकड़ों की बात करें तो मोतिहारी में अबतक 19 लोगों की मौत हुई है जबकि अररिया में बाढ़ से अबतक 11 लोगों की जान जा चुकी है।

सीतामढ़ी में बाढ़ से 11 लोगों की जान गई है वहीं किशनगंज में बाढ़ से होने वाली मौत का आंकड़ा अबतक 4 है। दरभंगा, शिवहर में बाढ़ से अब तक एक-एक लोगों की जान गई है। वहीं, सरकारी आंकड़ों की बात करें तो बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने अबतक 24 लोगों के मौत की ही पुष्टि की है।

ये जिले हैं बाढ़ से प्रभावित 

अररिया जिला सबसे अधिक प्रभावित है और इसके बाद किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिलों की हालत बाढ़ से खराब बनी हुई है। पूर्णिया प्रमंडल के जिलों में महानंदा और उसकी सहायक नदियां कनकई, परमान और मेची बहती हैं। साथ ही सौरा और कोसी नामधारी कई छोटी नदियां भी बरसात के दिनों में रौद्ररूप ले लेती हैं।

अररिया से लेकर किशनगंज के बीच एनएच 57 और एनएच 31 फिलहाल कई तरह से लाइफलाइन बना हुआ है।