पटना । सात वर्ष तक नौकरी करने के बाद बक्सर जिला की 42 अनुबंध पर तैनात महिला पर्यवेक्षिका हटा दी गई। प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने पदमुक्त का आदेश निर्गत करने के बाद घोषणा किया कि नियुक्ति से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रमंडलीय आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2011 में महिला पर्यवेक्षिका का नियोजन तत्कालीन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला चयन समिति ने की थी। नौकरी करने के सात वर्ष के बाद सबको पदमुक्त कर दिया गया। महिला पर्यवेक्षिका ऊषा कुमारी, कुमारी अर्चना, अमृता मिश्रा, योगिता सिंह, एकता त्रिवेदी, प्रियंका कुमारी, ज्योतिषमति कुमारी, अंजु कुमारी, आरती कुमारी, कुमारी श्वेता राय, श्वेता कुमारी, माधवी, रुपम कुमारी, शिप्रा कुमारी, साधना देवी, रोशन जहां, प्रियंका कुमारी, सुनीता कुमारी, शोभा कुमारी, ममता गुप्ता, रंजना कुमारी, प्रतिमा कुमारी, पुनिता कुमारी, कुमारी कंचन प्रकाश, अंशु रानी, ममता कुमारी, बिंदु कुमारी, अनिता कुमारी, कुमारी शशिबाला शर्मा, नीलम शर्मा, पुनम गुप्ता, निशा कुमारी, राखी कुमारी, फिरोज बानो, सुनिता कुमारी, प्रीति कुमारी, रेणु प्रभा, ¨रकु कुमारी, रीता कुमारी, रेनु कुमारी, उर्मिला कुमारी, संजू कुमारी पदमुक्त कर दी गई।

क्या था मामला : बक्सर जिला के गजाधरगंज की बिंदु कुमारी ने अनियमितता की शिकायत दर्ज की थी। आरोप था कि मेघा सूची गलत तरीके से बनाया गया है। प्रमंडलीय आयुक्त के बुलावे पर परिवादी बिंदु कुमारी और बक्सर की डीसीपीओ डीएम के प्रतिनिधि बनकर आई। आयुक्त ने बक्सर डीएम से इस मामले में प्रतिवेदन की मांग की थी। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आइसीडीएस से जांच कराया गया। प्रधान लिपिक ने बताया कि ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों को सूचीबद्ध नहीं किया गया है। आवेदन पंजी में कई क्रमांक पर इरेजर लगाया गया था। इसे संदेहास्पद बताया गया। संविदा पर आधारित महिला पर्यवेक्षिका के नियोजन प्रक्रिया में कई गड़बड़ी मिली। जिलाधिकारी ने प्रतिवेदन दिया है कि 1591 आवेदनों में से 1401 आवेदन उपस्थापित किया गया। छानबीन चार कर्मियों से कराया गया। 190 आवेदन का पता नहीं चला। बिंदु कुमारी का मेघा सूची में क्रमांक 189 पर अंतिम रूप से मेघा सूची में अंकित होने का स्थान और क्रमांक के सही निर्धारण के संबंध में पुन: जांच कराना संभव नहीं है। जिला प्रोग्राम कार्यालय बक्सर द्वारा बताया गया है कि ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों को पंजीबद्ध नहीं किया गया है। नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता के ख्याल से पंजीबद्ध नहीं किया गया है।

Posted By: Jagran