पटना, जेएनएन। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar School Examination Board) की मैट्रिक परीक्षा (Matric Exam) में शुक्रवार को मातृभाषा के तहत हिंदी, मैथिली, उर्दू एवं बांग्ला भाषा की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा दोनों पालियों में हुई। परीक्षा में कदाचार के आरोप में 42 परीक्षार्थियों को केंद्र से निष्कासित कर दिया गया। बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि किसी भी कीमत पर बोर्ड कदाचार बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसेे परीक्षार्थियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

पहली पाली में हिंदी, तो दूसरी पाली में उर्दू की परीक्षा

शुक्रवार को प्रथम पाली में हिंदी विषय में 6 लाख 48 हजार 433 छात्रों ने परीक्षा दी। उर्दू विषय में 85 हजार 297, मैथिली में 39 हजार 446 एवं बांग्ला में 1491 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। वहीं द्वितीय पाली ङ्क्षहदी में 6 लाख, 35 हजार, 11 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। उर्दू विषय में 82, 046 परीक्षार्थी शामिल हुए। मैथिली में 39 हजार 211 ने परीक्षा दी। बांग्ला की परीक्षा में 1,643 परीक्षार्थी शामिल हुए। पूरे राज्य में शुक्रवार को 1368 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। 

पटना जिले में 74 केंद्रों पर आयोजित हुई परीक्षा

पटना जिले में कुल 74 केंद्रों पर बिहार बोर्ड की परीक्षा आयोजित की गई। यहां पर प्रथम पाली में 35 हजार 042 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। वहीं द्वितीय पाली में 34 हजार, 345 ने परीक्षा दी। 

आज होगी द्वितीय भारतीय भाषा की परीक्षा 

शनिवार को बिहार बोर्ड द्वितीय भारतीय भाषा की परीक्षा आयोजित करेगा। इस परीक्षा में ङ्क्षहदी भाषी छात्र संस्कृत, अरबी, फारसी एवं भोजपुरी की परीक्षा में से किसी एक में शामिल होंगे। वहीं दूसरी ओर अङ्क्षहदी भाषी राष्ट्रभाषा हिंदी की परीक्षा में शामिल होंगे। 

उधर, मैट्रिक परीक्षा खत्‍म होने को है, लेकिन नियाेजित शिक्षकों की हड़ताल चरम पर है। हालांकि पटना में दो शिक्षकों को खिक्षा विभाग ने पिछले दिनों बर्खास्‍त भी किया था। इसके विरोध में हड़ताली शिक्षक और अधिक आक्रोशित हो गए हैं। विरोध में हड़ताली शिक्षक धरना-प्रदर्शन भी लगातार कर रहे हैं। 

 

Posted By: Rajesh Thakur

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