अहमद रजा हाशमी, पटना। कंगन घाट पर गंगा किनारे बनी टेंट सिटी दूधिया रोशनी से नहा रहा है। दशमेश गुरु की जन्मस्थली तख्त श्रीहरि मंदिर जी पटना साहिब में मत्था टेकने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ टेंट सिटी की ओर सुबह से लेकर रात तक आती रही। सुरक्षा को चप्पे-चप्पे पर पुलिस कर्मी तैनात थे। सर्द हवा रात होते ही जब ठिठुरन में तब्दील हुई तो श्रद्धालुओं ने खूबसूरत और व्यवस्थित टेंट में खुद को पैक कर लिया। रिसेप्शन काउंटर और पास के बड़े हॉल में श्रद्धालुओं के ठहराव से गहमागहमी बनी रही। हो रहा भव्य स्वागत

हर कोई इनका जी आया नूं कह कर स्वागत करता नजर आ रहा है। तख्त श्रीहरिमंदिर जी पटना साहिब प्रबंधक कमेटी के महासचिव महिन्द्र पाल ¨सह ढिल्लन ने बताया कि पांच हजार की क्षमता वाले टेंट सिटी में चार हजार श्रद्धालुओं ने बु¨कग करा ली है। इनमें कनाडा से चार, लंदन से दो, नेपाल से 46, चंडीगढ़ से 25, बिहार से 626, गुजरात से 55, हरियाणा से 105, जम्मू कश्मीर से 5, झारखंड से 338, मध्य प्रदेश से 68, महाराष्ट्र से 682, मुम्बई से 6, नई दिल्ली से 202, ओडिशा से 10, पंजाब से 1123, राजस्थान से 137, उत्तर प्रदेश से 246, उतराखंड से 86, पश्चिम बंगाल से 161 व अन्य 54 महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने बु¨कग कराई है। 2200 टेंट में पहुंच चुके हैं। अन्य शनिवार को पहुंच जाएंगे।

गोल्डन बल्ब से सजा तख्त साहिब

सिख श्रद्धालु विश्व में दूसरे बड़े तख्त श्रीहरिमंदिर जी पटना साहिब की एक झलक पाने को बेताब दिखे। पहले दरबार साहिब में मत्था टेका। हजारों गोल्डन बल्ब से सजे सख्त साहिब को निगाहों में बसा लेने की तमन्ना लिए श्रद्धालु घंटों गुंबद को निहारते रहे। इस यादगार पल को कैमरों में महफूज किया। सेल्फी लेने की होड़ मची रही।

नदी सड़क रौशन

गंगा किनारे भद्रघाट से लेकर कंगन घाट तक बनी करीब तीन किलोमीटर लंबी नदी सड़क के दोनों किनारे लाइट लगाकर इसे रौशन कर दिया गया है। टेंट सिटी आने के लिए पुलिस-प्रशासन व विभागीय अधिकारी से लेकर श्रद्धालु तक इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि मार्ग में सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। गंगा के विहंगम दृश्य को देखते और ध्वनि एवं वायु प्रदूषण से बचते हुए लोग बेहद कम समय में गायघाट से टेंट सिटी तक पहुंच रहे हैं।

लंगर सेवा शुरू

कंगन घाट टेंट सिटी में बने दो लंगर हॉल में से एक में शुक्रवार को श्रद्धालुओं के लिए लंगर परोसा गया। बड़ी संख्या में लोगों ने लंगर खाया। कार सेवा किला आनंदगढ़ आनंदपुर साहिब के संत बाबा सुच्चा सिंह सतनाम सिंह के अनुयायियों द्वारा लंगर सेवा शुरू की गई है।