कैमूर, जेएनएन। बिहार के कैमूर जिले के 38 लोग दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र के टॉवर से मोबाइल ट्रैसिंग में चिह्नित हुए हैं। इसमें अल्पसंख्यक समुदाय के साथ कुछ हिंदू भी शामिल हैं। कैमूर पहुंचे 19 लोगों को क्वारंटाइन केंद्र में रखने के बाद शुक्रवार को उनमें से 13 के स्वॉब को जांच के लिए पटना भेजा गया है। सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि शेष लोगों की प्राथमिक जांच में उनमें कोरोना वायरस से जुड़े लक्षण नहीं पाए गए हैं। तब्लीगी जमात से आए एक व्यक्ति की प्रथम रिपोर्ट जांच में निगेटिव आने पर संदेह होने से उसके स्वॉब को पुन: जांच के लिए भेजा गया है, इसलिए उसे भी सेंटर में रखा गया है। 

सूत्रों के अनुसार, नगर के भूपेश गुप्त कॉलेज में बने क्वारंटाइन केंद्र में पहले से एक व्यक्ति सहित कुल 20 लोग रखे गए है, जबकि शेष चिह्नित 18 लोगों में से दिल्ली में नौ, हरियाणा के गुरुग्राम में पांच, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में एक, पुलिस आर्मी में एक और सुपौल में एक व्यक्ति के रहने का भौतिक सत्यापन किया गया है। इस प्रकार जिले के कुल 38 लोगों का सत्यापन हो गया है।

बताते चलें कि पूर्व में हवाई मार्ग से जिले में आए 91 लोगों में संदिग्ध 14 लोगों के भेजे गए स्वॉब की रिपोर्ट पटना से निगेटिव आने के बाद उचित हिदायत देकर उन्हें घर भेज दिया गया है, जबकि अन्य लोगों को उनके घर के क्वारंटाइन कक्ष में 14 दिनों तक रहने को कहा गया है। इसके साथ ही मेडिकल टीम द्वारा मोबाइल से उनकी निगरानी की जा रही है। सुखद संयोग है कि अब तक कैमूर जिले में एक भी व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति नहीं मिला है।

इस संबंध में उपाधीक्षक डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि सेंटर में पूर्व से रखी गयी रिपोर्ट शनिवार तक आने की संभावना है। वहीं सिविल सर्जन ने दिल्ली से आए सभी लोगों से सदर अस्पताल या क्वारंटाइन सेंटर पर पहुंचकर जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इसमें परिवार ही नहीं, समाज का हित भी निहित है। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पडऩे पर कुछ मरीजों को महाराणा प्रताप कॉलेज में बने क्वारंटाइन सेंटर में भेजा जाएगा।  

Posted By: Rajesh Thakur

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