पटना (मनेर) : एक ओर पुलिस के आला अधिकारी क्राइम कंट्रोल के दावे करते हैं वहीं दूसरी ओर पुलिस लूट की घटना के बाद भी कार्रवाई के लिए थानाध्यक्ष का इंतजार करती रही है। मामला मनेर का है। सोमवार को एनएच 30 पर थाना क्षेत्र के कोठी पर ब्रजनंदन नगर के निवासी कामेश्वर प्रसाद बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से 30 हजार रुपये की निकासी कर घर लौट रहें थे। घर से थोड़ी दूर पहले काजी तालाब के मोहनपुर अहरा के समीप दो लुटेरों ने कामेश्वर राय पर पिस्तौल भिड़ाकर 30 हजार रुपये छीन लिए। फिर पैदल ही वे अहरा के रास्ते भाग गए। कामेश्वर ने लूट के बाद बेटे को फोन कर बुलवाया। थाने में इसकी जानकारी दी। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने जाच या कार्रवाई के बदले यह कहा कि थानाध्यक्ष नहीं हैं, आयेंगे तो केस होगा, कहकर टरका दिया। जानकारी के अनुसार थानाध्यक्ष किसी मामले की गवाही में गए थे। मंगलवार को थानाध्यक्ष पहुंचे तो कामेश्वर को कॉल कर बुलवाया गया। फिर से आवेदन कर लिया गया। इस बाबत सिटी एसपी रविन्द्र कुमार से पूछा गया तो उन्होंने ऐसी कोई जानकारी नहीं होने की बात कही।

: बैंक में थे लुटेरे :

कामेश्वर के अनुसार बैंक के अंदर ही दोनों लुटेरे मौजूद थे। दोनों नें घर के बारे मे पूछा। बताने के बाद उन्होंने भी उनके घर के बारे में पूछा। दोनों नें मनेर चर्च पर ननिहाल में रहने की बात बताई। उन्होंने लुटेरों को पहचानने के लिए बैंक का सीसीटीवी फुटेज देखा तो दोनों फुटेज में दिखे, मगर धुंधले से। फुटेज की क्वालिटी बेहद ही खराब है।

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