पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार में आनलाइन आडिट रिपोर्ट नहीं देने वाले संबद्ध डिग्री कालेजों के अनुदान पर रोक लगेगी। सभी 229 संबद्ध डिग्री कालेजों के लिए अनुदान देने की शर्त तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। शिक्षा विभाग ने अनुदान की शर्त पूरी नहीं करने वाले कालेजों के संबद्धन रद भी करेगी। शिक्षा विभाग के पोर्टल पर संबद्घन के लिए आनलाइन आवेदन करने की आखिरी तिथि सोमवार तक है। इसके बाद जो कालेज आवेदन नहीं करेंगे, उनके संबद्धन पर कोई विचार नहीं होगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि सरकार से मिले अनुदान की बंदरबांट पर रोक लगाई जा सके और इसका लाभ कालेज के शिक्षक और कर्मचारियों को भी मिल सके।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने कहा कि विभाग के संबद्धता के लिए विश्वविद्यालयों द्वारा डिग्री कालेजों से 18 अक्तूबर तक आनलाइन आवेदन लिये जाएंगे। उसे विश्वविद्यालय अपने प्रस्ताव के साथ 15 जनवरी तक शिक्षा विभाग को आनलाइन भेजेगा। 16 अप्रैल तक संबद्धता प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी होगी। डिग्री कालेजों की भूमि और भवनों की जियो टैगिंग होगी ताकि उसकी जांच सही तरीके से हो सके।

शिक्षा विभाग ने सभी डिग्री कालेजों को संबद्धता प्रदान करने से लेकर रिजल्ट के आधार पर अनुदान देने की प्रक्रिया को आनलाइन करने की हिदायत कुलसचिवों को दी है। इसके लिए शिक्षा सचिव की ओर से विश्वविद्यालयों को यह निर्देश दिया गया है कि संबद्ध डिग्री कालेजों को सशर्त अनुदान देने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। इसलिए यह व्यवस्था को प्रभावी से लागू कराएं।

संबद्धन और अनुदान देने हेतु सिंगल विंडो सिस्टम पर ही कालेज संचालकों को आना होगा। इस सिस्टम के तहत कालेजों को अपने यहां संचालित कोर्स की जानकारी, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बैंक खाते में वेतन भुगतान, उपयोगिता प्रमाण पत्र, अंकेक्षक की आडिट रिपोर्ट समेत अन्य सूचनाएं आनलाइन देनी अनिवार्य हैं।