पटना, जागरण संवाददाता। Bihar Panchayat Chunav 2021: बिहार में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस दौरान पंचायत चुनाव के प्रत्‍याशियों से लेकर आम लोगों तक के लिए भी कई नियम निर्धारित हैं, जिनका पालन नहीं करने पर आप फंस सकते हैं। यहां आप जान सकेंगे कि ऐसी कौन सी गलतियां हैं, जिनको करने के बाद कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। पटना जिले में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में अब तक कुल 17 प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिले के पालीगंज थाने में 9, सिगोड़ी थाने में 2 , खिरीमोड़ थाने में 4 , दुल्हिन बाजार थाने में 1 तथा बीरम थाने में 1 प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिलाधिकारी डा. चंद्रशेखर सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन कराने तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को चुनाव प्रचार के दौरान क्या करें और क्या न करें इसकी विस्तृत जानकारी दी है।

क्या न करें

  • मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा आदि में भाषण ,पोस्टर, संगीत  समेत निर्वाचन प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
  • किसी व्यक्ति विशेष एवं सरकारी / सरकार के उपक्रम की जमीन ,इमारत, अहाते एवं दीवार आदि को झंडा /बैनर लगाने, पोस्टर /नोटिस चिपकाने ,नारे आदि लिखने के प्रयोग में नहीं लाया जा सकता है।
  • दूसरे अभ्यर्थियों द्वारा आयोजित सार्वजनिक सभा ,जुलूस में व्यवधान पैदा न करें।
  • जुलूस में भाग लेने वालों को ऐसी वस्तु नहीं ले जानी चाहिए जिनका अस्त्र या शस्त्र के रूप में दुरुपयोग किया जा सकता है।
  • स्थाई अथवा गतिशील वाहनों पर लगे लाउडस्पीकर एवं हैंड माइक का प्रयोग सुबह 6:00 बजे से पहले या रात को 10:00 बजे के बाद और संबंधित प्राधिकार की बिना पूर्व लिखित अनुमति के ना किया जाए।
  • संबंधित प्राधिकार की पूर्व लिखित अनुमति लिए बिना लाउडस्पीकर का प्रयोग सार्वजनिक सभा में भी नहीं किया जाएगा।
  • सरकारी कार्य के साथ चुनाव प्रचार ,चुनावी दौरा को कतई नहीं जोड़ा जाएगा।
  • कदाचार अथवा निर्वाचन अपराध संबंधी गतिविधियां घूसखोरी, मतदाता पर अनुचित प्रभाव, मतदान केंद्र से 100 मीटर की परिधि में प्रचार, मतदान के लिए नियत समय से 48 घंटे पूर्व की अवधि में सार्वजनिक सभाएं करना और मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाना और वहां से ले जाना निषिद्ध है।
  • मतदाता को कोई प्रलोभन नहीं दिया जाएगा।
  • निर्वाचक के जातीय ,/सांप्रदायिक भावनाओं को उद्वेलित नहीं करना है।
  • ऐसा कोई कार्य ना करें जिससे मौजूदा मतभेदों को बढ़ावा मिले या आपस में घृणा पैदा हो अथवा विभिन्न जातियों, समुदायों अथवा धार्मिक या भाषाई समूहों में तनाव पैदा हो।

क्या करें

  • शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान के लिए निर्वाचन कर्मचारियों को सहयोग करें
  • सभा के लिए लाउडस्पीकर या इसी प्रकार के अन्य सुविधाओं के प्रयोग के लिए अनुमति अवश्य ली जाए।
  • प्रस्तावित सभा के संबंध में स्थान और समय के बारे में स्थानीय पुलिस को सूचित किया जाए
  • यदि प्रस्तावित सभा के स्थान पर प्रतिबंधात्मक या निषेधात्मक आदेश लागू हो तो उनका पूरी तौर पर पालन किया जाए ।
  • किसी भी जुलूस के शुरू होने का समय व स्थान एवं मार्ग तथा जुलूस की समाप्ति से संबंधित कार्य की अनुमति सक्षम प्राधिकार से ससमय ली जाए।
  • जुलूस का रास्ता ऐसा होना चाहिए जिससे यातायात में कोई बाधा ना हो।
  • मतदान के दिन वाहन चलाने पर प्रतिबंधों का पूर्णरूपेण पालन किया जाए।
  • गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दी जा रही चिकित्सीय सुविधाएं उचित अनुमति से जारी रखी जा सकती है।