संवाद सहयोगी, सोनपुर (वैशाली): त्रेता युग में महाराज दशरथ ने सीता स्वयंवर के दौरान पहुंचे अनेक राजकुमारों तथा महावीरों के समक्ष यह शर्त रखी गई थी कि जो भगवान शिव के धनुष को तोड़ेगा जानकी उसी के गले में वरमाला डालेंगी। कुछ ऐसा ही नजारा बिहार के वैशाली में देखने को मिला। सोनपुर अंचल के सबलपुर पूर्वी पंचायत में एक शादी समारोह के दौरान धनुष तोड़ने के बाद दूल्हे के गले में दुल्हन ने वरमाला डाली। 

जानकारी के अनुसार सोनपुर के सबलपुर पूर्वी के मुंशीलाल राय की पुत्री कुमारी प्रियंका की शुक्रवार को शादी थी। बताया जाता है कि वधु पक्ष शिव भक्त है। दुल्हन की मां शिव गुरु की अनुयायी हैं। बारात छपरा कचहरी के अहमदपुर से आयी थी। धर्मनाथ राय के पुत्र अर्जुन कुमार से प्रियंका की शादी तय थी। बारात दरवाजे पर लगने के बाद जयमाला से पहले मंच पर रखे धनुष को तोड़ने की शर्त दूल्हे के सामने रखी गई। स्वयंवर में ना कहीं के राजकुमार आये थे ना ही अन्य कोई महाबीर ही शामिल था। एक अकेला दूल्हा ही सबकुछ था। मंच पर इस आयोजन का नेतृत्व कर रहे सज्जन ने दूल्हे को सामने रखे धनुष को उठाने का संकेत किया। दूल्हे ने धनुष ऊपर उठाया और तोड़ दिया।

अनोखी शादी के हर ओर हो रही चर्चा

दूल्हे के धनुष तोड़ने के बाद तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पुष्प वर्षा की गई। इसके बाद दुल्हन बनी प्रियंका ने दूल्हा अर्जुन के गले में वरमाला पहना दी। यह रोचक आयोजन देखने बारातियों के अलावा ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी थी। ऐसे में भला किसे याद रहता है कि अभी कोरोना काल खत्म नहीं हुआ है और मास्क तथा एक दूसरे से शारीरिक दूरी का पालन करना अति आवश्यक है। हालांकि कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि आयोजन में शारीरिक दूरी का पूर्णत: पालन किया गया। पारंपरिक लीक से हटकर हुई इस अनोखी शादी की हर तरफ चर्चा हो रही है। 

Edited By: Akshay Pandey