जागरण संवाददाता, पटना : कोरोना संक्रमण से उबरे लोगों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अनियंत्रित मधुमेह, ब्लैक फंगस, हृदय संंबंधी रोग, कमजोरी-सुस्ती, बीपी, सिरदर्द, कफ के साथ अब हाथ-पांव में सूजन और गैंगरीन तक के मामले सामने आ रहे हैं। शुरुआत में डाक्टरों से परामर्श नहीं लेने पर हाथ-पांव की अंगुलियां तक काटनी पड़ रही हैं। 

एम्स के कोरोना नोडल पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि पहली लहर में भी कोरोना मुक्त हुए लोगों में हाथ-पांव में सूजन और जोड़ों में दर्द की शिकायत आई थी। पहली लहर में एक पोस्ट कोविड मरीज गैंगरीन की समस्या लेकर आया था। दूसरी लहर में अब तक सात लोग भर्ती हो चुके हैं। इसका कारण कोरोना संक्रमण के कारण खून के थक्के जमना है। खून के ये थक्के नलिकाओं में फंस कर रक्तप्रवाह रोक देते हैं। इस कारण संबंधित अंग तक खून नहीं पहुंचने से वह काला पडऩे लगता है और संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए कई बार उसे काटना पड़ता है। 

हर दिन दो से तीन मरीज आ रहे

हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. अमूल्य सिंह ने बताया कि हर दिन दो से तीन ऐसे रोगी सूजन व जोड़ों में दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं, जो मार्च या अप्रैल में कोरोना संक्रमित हुए थे। इनमें से एक युवक के पैर के अंगूठे में गैंगरीन हो गया था, जिसे बाद में काटना पड़ा था। 

नियमित योग व पौष्टिक आहार लेने की जरूरत

राजवंशी नगर हड्डी हास्पिटल के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि पोस्ट कोविड दुष्प्रभाव से पीडि़त कई रोगी हर दिन यहां आते हैं। हिस्ट्री के दौरान कोरोना संक्रमण की जानकारी होने पर ऐसे रोगियों की डि-डाइमर समेत कई तरह की खून जांच करा कर देखा जाता है कि कहीं खून के थक्के बनने से तो उनमें ऐसी समस्या नहीं आई है। कोरोना मुक्त हुए लोग नियमित योग व सांस संबंधी व्यायाम, हाई प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार लेने के साथ शरीर में कुछ भी असहज महसूस होते ही डॉक्टर से परामर्श करें। ऐसा करने से पोस्ट कोविड दुष्प्रभाव के जल्द पकड़ में आने से उसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। 

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