पटना सिटी, जागरण संवाददाता। Eid 2021 Date in India: अरब के देशों में मंगलवार को ईद का चांद नहीं देखा गया। बुधवार को वहां चांद नजर आने और गुरुवार को ईद होने की पूरी उम्मीद है। इसी अनुसार बिहार में गुरुवार को ईद का चांद नजर आने और शुक्रवार यानी 14 मई को ईद होने की पूरी उम्मीद है। कोरोना के कहर को देखते हुए मुस्लिम समाज में ईद की तैयारियां सिमट गयी हैं। इस बीच फुलवारी शरीफ स्थित खानकाह मुजीबिया ने कहा है कि आज की रात चांद का दीदार हो सकता है। अगर आज चांद का दीदार होता है तो इसकी जानकारी देने के लिए खानकार ने मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं।

इन नंबरों पर दें चांद देखे जाने की जानकारी

खानकाह मुजीबिया फुलवारीशरीफ ने मुसलमानों से अपील की है कि बुधवार को ईद की चांद का दीदार हो सकता है। इसलिए आज चांद देखने का प्रयास करें और चांद का दीदार होने पर इसकी सूचना 9431507800, 9801591511, 9006306098, 7250433562, 8757550786 पर फौरन दें जिससे आम लोगों तक इसकी सूचना पहुंच सके।

चार घंटे के बाजार में जरूरी चीजें खरीदीं

ईद को ध्यान में रखते हुए लोग सेवई-लच्छा और इत्र खरीदते देखे गए। कपड़ों का बाजार बिलकुल फीका रहा। टेलर के यहां सन्नाटा पसरा रहा। पुराने अच्छे कपड़े को ही लोग धोबी के यहां धुलवा कर पहनने की तैयारी में दिखे। लोगों का कहना है कि कोरोना से हर तरफ तबाही मची है। अपने-पराए की मौत हो रही है। लोग आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। महंगाई चरम पर है। ऐसे में ईद की खुशी मनाना कहीं से भी उचित नहीं है।

मेजबानी से बचने की दी सलाह

कई धार्मिक संगठनों एवं इस्लामिक शिक्षाविदों ने भी ईद में मेजबानी या मेहमान नवाजी से परहेज करने की अपील किया है। इनका कहना है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोग ईद में एक-दूसरे के यहां मिलने-जुलने जाने से बचें। सावधानी बरतें। इस्लामिक शिक्षाविद मौलाना फजले करीम कासमी ने कहा कि इबादत का पवित्र महीना रमजान जब घरों में बीता तो ईद भी घर में ही रह कर परिवार के साथ मनाएं। बाहरी लोगों से गले मिलने या हाथ मिलाने से बचें।

राजधानी के गांधी मैदान से लेकर सभी ईदगाहों में सन्नाटा

कोरोना के कारण इंसानों की परेशानी और मौत से आहत लोग पुराने कपड़े में ही ईद की नमाज घर में पढ़ने की तैयारी में हैं। इस बार भी राजधानी पटना के गांधी मैदान समेत शहर की ईदगाहों में सन्नाटा पसरा है। लोग एक-दूसरे के यहां आने-जाने और खाने से परहेज करेंगे। ईद की सेवई-लच्छा और इत्र की भीनी खुशबू से लोग दूर रह कर ईद मनाने की औपचारिकता पूरी करेंगे। सोशल मीडिया पर बधाई संदेशों में ईद की खुशियां नजर आएगी।

इंसानियत की हिफाजत करने का दिया संदेश

इस्लामिक शिक्षाविद मौलाना फजले करीम कासमी ने कहा कि रमजान में अल्लाह को राजी करने के लिए बंदा रोजा रखता है। इबादत करता है। जिस तरह एक मजदूर को काम खत्म होने के बाद मजदूरी मिलती है उसी तरह रोजेदारों को अल्लाह उसकी इबादत के बदले ईदगाहों में मजदूरी देता है। इस बार यह मजदूरी घरों में पढ़ी जाने वाली ईद की नमाज के बाद मिलेगी। उन्होंने कहा कि रमजान की प्रशिक्षण अवधि की तरह ही लोग आगे की जिंदगी गुजारें। इंसानों के हमदर्द बनें। इंसानियत की हिफाजत करें और जरूरतमंदों की मदद करें। यही ईद की सच्ची खुशी होगी।

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