पटना, राज्य ब्यूरो। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी एक बार फिर नीतीश सरकार पर जमकर बरसे हैं और आंदोलन की धमकी दी है। उन्‍होंने बिहार में भूमि सुधार को लेकर सरकार की लचर व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मांझी ने नीतीश सरकार को 15 दिन का समय दिया है कि वह भूमि सुधार संबंधित जो भी कठिनाइयां हैं, उन्हें दूर करे। अन्यथा उनकी पार्टी पूरे बिहार में सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी। कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे।

हम पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा कि मगध प्रमंडल में ऐसे हजारों महादलित एवं गरीब हैं, जिन्हें सरकार द्वारा भूदान की जमीन का गैरमजरूआ आमखास जमीन का पर्चा दिया गया, परन्तु भूमि पर दबंगों का दखल कब्जा हो गया है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे भी भूमिहीन एवं गरीब हैं जिनके लिए आजादी के 72 साल बाद भी जमीन बंदोबस्ती नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार 15 दिनों के अंदर गरीबों की जमीन के मसले हल नहीं करती तो दिसंबर माह के अंत में मगध प्रमंडल में हम पार्टी विशाल महाधरना देगी। जनवरी में पूर्णिया और कोसी प्रमंडल में भी महाधरना होगा। यदि इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पूरे प्रदेश में जन आंदोलन किया जाएगा।

गौरतलब है कि हमेशा अपने बयानों से सुर्खियों में रहनेवाले जीतन राम मांझी उस समय राजनीतिक गलियारे में छा गए थे, जब महागठबंधन से नाता तोड़ने की बात कह डाली। हालांकि बाद में उनके समर्थन में विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी आए और दोनों ने मिलकर महागठबंधन में कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने की मांग की। हालांकि अब पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी ने नया मुद्दा तलाशते हुए नीतीश सरकार को निशाना बनाया है अौर आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही पर्चा वाली जमीन से जुड़ी समस्‍याओं को दूर करन के लिए नीतीश सरकार को 15 दिनों की माेहलत दी है।  

Posted By: Rajesh Thakur

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