पटना, राज्य ब्यूरो। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर पटना हाईकोर्ट ने पटना जिले में पौधारोपण की वस्तुस्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही पटना को हरा-भरा रखने का रोड मैप भी मांगा है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि भारत के संविधान ने जो जीवन जीने का मौलिक अधिकार दिया है, उसके तहत लोगों को स्वस्थ और प्रदूषणमुक्त जीवन जीने का मौलिक अधिकार भी आता है। मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी ।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि पांच वर्षों में पटना को हरा-भरा करने के लिए क्या रोडमैप है? नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को इसे कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल एवं न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। हाईकोर्ट ने नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को उच्चस्तरीय कमिटी गठित करने का निर्देश दिया है। इसमें पथ निर्माण, वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के अलावा पटना के नगर आयुक्त सदस्य होंगे।

इस कमिटी को अगले तीन सप्ताह में यह सुनिश्चित करना है कि पटना शहर और जिले में लाखों नए पेड़ लगाए गए हैं, उनमें अभी कितने बचे हुए हैं। बचे हुए पेड़ों के रखरखाव के लिए क्या किया जा रहा है। उस कमिटी को एक प्रणाली भी विकसित करने का निर्देश दिया गया है जिससे पेड़ों की कटाई नियंत्रित हो। इसके साथ ही पूरे पटना  जिले को अगले पांच वर्षों में हराभरा रखने और उसका वन क्षेत्र बढ़ाने के सिलसिले में एक रोडमैप भी तैयार करें।

Posted By: Rajesh Thakur

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