पटना। राजधानी के महिला थाने के प्रयास से रायपुर की रौनक देवी को उसकी खोई हुई 'जिंदगी' मिल गई। छह माह से जिस बेटे की खोज में दर-दर की ठोकरें खा रही थी, उसे सीने से लगाकर रौनक की खुशी का ठिकाना नहीं था। महिला थाने की पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दो साल के मासूम को उसकी मां के हवाले कर दिया। थानाध्यक्ष स्मिता सिन्हा ने बताया कि रौनक अपने बेटे के साथ लेकर चली गई।

जानकारी के अनुसार, रायपुर (छत्तीसगढ़) के उरपुरा में भगवती चौक की रहने वाली रौनक देवी से पटना के मनेर थानान्तर्गत भवानी टोला निवासी एक व्यक्ति ने चार साल पहले शादी की थी। दंपती को एक बेटा हुआ। जब रौनक दूसरी बार गर्भवती हुई तो पति ने उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद दो साल के बेटे को लेकर वह पटना लौट आया। किसी तरह रौनक ने उसके घर का पता निकाला और वहां पहुंची तो मालूम हुआ कि उसका पति फुलवारीशरीफ इलाके में रहता है। तब रौनक ने एसएसपी गरिमा मलिक से न्याय की गुहार लगाई।

महिला थाने की पुलिस ने दी आरोपित पति के घर दबिश :

सूचना मिलते ही महिला थाने की पुलिस ने रौनक के साथ फुलवारीशरीफ में दबिश दी। वहां रौनक का पति नहीं मिला। रौनक के ससुर अलखदेव सिंह घर में मौजूद थे। उनके पास उसका बेटा भी था। मां को देखते ही रौनक का बेटा उससे लिपट गया। रौनक ने पुलिस को बताया कि उसका पति दूसरी शादी करने की तैयारी कर रहा है।

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Posted By: Jagran