डॉ. कौशलेंद्र, पटना : पालीगंज का कृषि फार्म मैदान बुधवार की सुबह से ही लोगों के लिए आकर्षक का केंद्र बना हुआ था। जैसे-जैसे दिन निकलता गया, वहां वर्दीधारियों के साथ-साथ आम लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। बच्चे, बूढ़े, नौजवान, महिलाएं और लड़कियां मैदान के अंदर शेड में लगी कुर्सियों पर बैठने लगे। नेताओं के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया था। और भाषण का दौर भी। इतने में पालीगंज थाने के बनौली का रहने वाला छठी कक्षा का छात्र 11 वर्षीय सुखदेव, पीएम मोदी का एक मुखौटा सिर पर पहने हुए और दूसरा हाथ में लिए हुए मैदान में मौजूद भीड़ को चीरता हुआ शेड की तरफ जा रहा था। रोक कर जब उससे सवाल किया कि वह कहां और क्यों आया है तो जवाब मिला- रैली में आया हूं। मोदी को देखने। कौन हैं मोदी। उसका उत्तर था- सर जी लगेंगे। उसे बस इतना पता था कि वह मोदी की सभा में आया है। वह हेलीकॉप्टर से आने वाले हैं। लेकिन इसी भीड़ में उसी के साथ लथार गांव का रहने वाला 10 वर्षीय विपिन और डीह पाली निवासी नौ साल का प्रकाश भी था। इन दोनों को बखूबी पता था कि मोदी देश के पीएम हैं। यही नहीं विपिन का मोदी ज्ञान बहुत आगे का था। मोदी पर बात छिड़ते ही वह चुप होने का नाम ही नहीं ले रहा था। वे देश के लिए काफी कुछ कर रहे हैं। स्कूल बनवा दिया। सड़क बनवा दिया, घर बनवा दिया। और बहुत कुछ। तीनों के पिता मजदूरी करते हैं। पालीगंज के नगवां गांव की रहने वाली दसवीं कक्षा की छात्रा शीला और मिल्की निवासी उमा भारती नौवीं क्लास में पढ़ती हैं। दोनों लड़कियां मोदी को सुनने और देखने आई थीं। नाबालिग होने के कारण दोनों के पास मताधिकार तो नहीं है, लेकिन जब बड़ी होंगी और मौका मिलेगा तो मोदी ही इनके नेता रहेंगे, ऐसा इनका कहना है। इसके अलावा भी काफी संख्या में अगल-बगल के गांवों से स्कूली छात्र-छात्राएं तीन-चार किलोमीटर पैदल चलकर कड़ी धूप में मोदी को देखने और सुनने पालीगंज कृषि फार्म हाउस के मैदान में आए थे, जिन्हें वे आजतक केवल टीवी पर देखते आए हैं। प्रधानमंत्री मोदी को अपने इलाके और गांव में देख काफी खुश और प्रसन्न दिख रहे थे।

युवतियों ने लगाए मोदी-मोदी के नारे

रैली में महिला एवं युवा वर्ग का उत्साह देखने लायक था। सैकड़ों युवतियां नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर आकर्षण का केंद्र बनी हुई थीं। ग्रामीण परिधान में सजी महिलाएं लगातार मोदी-मोदी के नारे लगा रही थीं। गर्मी की तपिश भी इनके उत्साह को कम नहीं कर पा रही थी।

चलो एक सेल्फी हो जाए :

रैली में बड़ी संख्या में युवा वर्ग की सहभागिता थी। बड़े-बुजुर्गो के साथ महिलाएं भी नरेंद्र मोदी को सुनने आई थीं। उन्होंने इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए जमकर सेल्फी ली। रैली में दोस्तों के साथ सेल्फी लेने की होड़ मची थी।

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Posted By: Jagran