style="text-align: justify;"> पटना [राज्य ब्यूरो]। बिहार पुलिस की तर्ज पर सरकार होमगार्ड के स्थाई जवानों व निरीक्षक स्तर तक के अधिकारियों को भी अब 13 महीने का वेतन मिलेगा। राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को गृह विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल विभाग के सूत्रों ने बताया कि सरकार के इस फैसले से तकरीबन दो हजार सिपाही से लेकर निरीक्षक स्तर के कर्मचारी और अधिकारी लाभान्वित होंगे।
सूत्रों ने बताया कि बिहार पुलिस के जवानों की तर्ज पर होमगार्ड जवानों को 13 महीने का वेतन देने का प्रस्ताव काफी पहले ही तैयार हो गया था। सरकार का मानना है कि पुलिस कर्मियों की भांति होमगार्ड जवानों को भी विपरीत परिस्थितियों में काम करना होता है और इस वजह से उनकी छुट्टियां भी रद होती रहती हैं। मंत्रिमंडल ने आज इस प्रस्ताव पर मंथन के बाद 13 महीने का वेतन देने की मंजूरी दे दी।
मंत्रिमंडल ने भोजपुर के कोईलवर स्थित मानसिक आरोग्यशाला में प्रथम चरण में 272 बेड के भवन निर्माण के साथ ही उसकी चारदिवारी, केंद्रीकृत एयरकंडीशनिंग प्लांट, फर्नीचर, लिफ्ट, सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ ही वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 128 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
मंत्रिमंडल ने वाणिज्यकर विभाग के एक प्रस्ताव पर चर्चा के बाद वाणिज्यकर न्यायाधिकरण के अध्यक्ष पद पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति की मंजूरी भी दी है। मंत्रिमंडल ने नगर विकास विभाग को स्मार्ट सिटी योजना के तहत सौ करोड़ रुपये देने की मंजूरी भी दी है। स्वीकृत राशि केंद्रांश के विरुद्ध राज्यांश की राशि है।
बंद चीनी मिलों के कर्मियों के हक में मंत्रिमंडल ने बड़ा फैसला किया है। बंद चीनी मिलों के कर्मियों को सरकार ने दो सौ प्रतिशत वेतन भुगतान के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी । फैसला सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर लिया गया है। बंद चीनी मिल के  कर्मियों ने तीन सौ फीसद वेतन भुगतान की मांग की थी। कोर्ट ने अपने फैसले में दो सौ फीसद भुगतान के निर्देश दिए थे। सरकार के फैसले से चीनी मिल के कर्मियों को अधिकतम 1.20 लाख और न्यूनतम 65 हजार रुपये प्राप्त हो सकेंगे।

By Ravi Ranjan