पटना, जेएनएन। राजधानी में पिछले एक दशक में 15 बार एसएसपी बदले गए, लेकिन क्राइम का ग्राफ बढ़ता गया। बड़ी बात ये रही कि इस दौरान बदमाशों ने आधुनिक हथियारों का प्रयोद कर हत्या, लूट, चोरी की बड़ी-बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। अब आलम यह है कि महिलाओं के लिए जेवर पहनकर घर से निकलना अपराध को निमंत्रण देने जैसा हो गया। अपराध पर अंकुश के लिए पटना पुलिस प्रयोगों में उलझकर रह गई और शहर में हो रहीं घटनाएं देश की सुर्खियां बनीं।

2015 में हुआ सबसे अधिक एसएसपी का तबादला

वर्ष 2015 में पटना से सबसे अधिक एसएसपी का तबादला हुआ। जितेंद्र राणा छह माह के लिए, विकास वैभव दो माह, मनु महराज एक माह और विकास वैभव तीन माह की सेवा के बाद 12 दिसंबर 2015 से नौ फरवरी 2018 तक सबसे अधिक समय तक एसएसपी के रूप में कार्यरत रहे। 2013 से 2019 के बीच चार बार में 45 माह का कार्यकाल पूरा करने वाले मनु महराज ने बतौर एसएसपी सेवा के दौरान भयमुक्त समाज बनाने के लिए सबसे अधिक प्रयोग किए।

विनीत विनायक ने शराब माफिया पर की थी सबसे बड़ी चोट

पटना एसएसपी के रूप में अमित कुमार का कार्यकाल 11 माह रहा। इस अवधि में स्पीडी ट्रायल कर अपराधियों को सजा दिलाने का विशेष अभियान चला। आर. मलार वीजी पांच माह में चलता कर दी गईं। एसएसपी के रूप में विनीत विनायक ने सबसे बड़ी चोट शराब माफिया पर की थी। उन्होंने रात 10 बजे के बाद शहर में शराब बिक्री और परोसना बंद करा दिया था। इसके बाद वह दस माह में बदल दिए गए और अमित कुमार जैन को चार माह का मौका मिला।

सड़कों पर लिखवा दिए पुलिस पदाधिकारियों के नंबर

बच्चू सिंह मीना ने छह माह के लिए पद संभाला। इसके बाद आलोक कुमार को 13 माह का मौका मिला। इस अवधि में नौकर व गार्ड के अपराध में भागीदार होने का मामला सामने आया। उन दिनों गली-मोहल्लों से सड़कों पर पुलिस पदाधिकारियों और थानेदारों के नंबर लिखवा दिए गए। बीट पुलिसिंग के साथ नौकर व गार्ड के सत्यापन का निर्देश दिया गया। उनके बाद अमृत राज ने करीब 12 माह की सेवा के दौरान अपराध नियंत्रण की भरसक कोशिश की।

सबसे लंबा कार्यकाल मनु महाराज का

पटना के एसएसपी के रूप में मनु महराज बीते एक दशक में सबसे अधिक समय तक जमे रहे। उनके कार्यकाल में साइकिल गश्ती व क्विक मोबाइल का प्रयोग हुआ और सीसी कैमरा लगवाए गए। इस बीच पुलिस चौकियां भी खूब बनीं। 27 मार्च 2013 से जनवरी 2019 के बीच जितेंद्र राणा को आठ माह, विकास वैभव को दो टर्म में पांच माह और ललित मोहन प्रसाद को एक माह के लिए एसएसपी की कुर्सी मिली। शेष करीब 44 माह मनु महराज ने एसएसपी की कुर्सी संभाली। उन्होंने इस दौरान कई उपलब्धियां भी हासिल कीं। बिहटा व नौबतपुर में अपराधियों के तांडव पर उन्होंने नकेल कसी थी।

पटना एसएसपी के कार्यकाल पर एक नजर

नाम             - सेवा अवधि

अमित कुमार - 31/3/2008 से 17/2/09

आर मलार वीजी -18/2/09 से 27/7/09

विनीत विनायक - 27/7/09 से 19/4/10

अमित जैन     - 19/4/10 से 8/8/10

बीएस मीना    - 8/8/10 से 12/2/11

आलोक कुमार -12/2/11 से 27/3/12

अमृत राज    - 27/3/12 से 27/3/13

मनु महराज   - 27/3/13 से 7/10/14

जितेंद्र राणा  - 7/10/14 से 23/6/15

विकास वैभव - 23/6/15 से 28/8/15

मनु महराज -  28/8/15 से 12/9/15

विकास वैभव - 12/9/15 से 6/12/15

मनु महराज  - 6/12/15 से 9/2/18

ललन मोहन प्रसाद 9/2/18 से 12/3/18

मनु महराज - 12/3/18 से 3/1/19

गरिमा मलिक - 3/1/19 से अब तक

Posted By: Akshay Pandey

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