ईशान किशन-वैभव सूर्यवंशी से लेकर प्रमोद भगत तक, Asian Games में बिहार के ये 11 खिलाड़ी बनाएंगे रिकॉर्ड
जापान में होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल में बिहार के 11 जांबाज खिलाड़ी शामिल किए गए हैं, जिनमें क्रिकेटर ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी भी हैं।

एशियन गेम्स में प्रतिभा दिखाएंगे वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन। फाइल
HighLights
जापान में 20वें एशियाई खेलों में बिहार के 11 खिलाड़ी शामिल।
ईशान किशन, वैभव सूर्यवंशी, प्रमोद भगत जैसे सितारे करेंगे प्रतिनिधित्व।
पैरा-एथलीटों ने शारीरिक-आर्थिक संघर्षों को मात देकर पाई सफलता।
अक्षय पांडेय, पटना। Asian Games 2026: अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर बिहार की प्रतिभा एक बार फिर अपना स्वर्णिम परचम लहराने के लिए तैयार है।
जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल में प्रदेश के 11 जांबाज खिलाड़ी शामिल होंगे।
इनमें शारीरिक व आर्थिक संघर्षों को मात देने वाले पारा एथलीटों से लेकर क्रिकेट के धुरंधर और रग्बी व सेपकटाकरा के खिलाड़ी हैं।
इन एथलीटों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों का फलक इतना विस्तृत है कि देश की पदक की उम्मीदें इन पर टिकी हैं। पटना के क्रिकेटर ईशान किशन और समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सहित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 11 खिलाड़ियों में छह दिव्यांग हैं।
फुर्ती से चौंकाएंगे प्रमोद और उमेश

भारतीय दल की सबसे बड़ी ताकत प्रदेश के पारा एथलीट हैं, जिन्होंने तमाम शारीरिक और आर्थिक संघर्षों को मात देकर विश्व खेल जगत में अपनी बादशाहत कायम की है।
पारा-बैडमिंटन खिलाड़ी वैशाली के प्रमोद भगत ने टोक्यो पारा लिंपिक (2020) में देश को स्वर्ण पदक दिलाया था। एशियन पारा गेम्स (2022) में भी देश के लिए सोना जीत चुके हैं।
कई बार अपनी प्रतिभा से विश्व को चौंका चुके प्रमोद एक बार फिर बैडमिंटन कोर्ट पर अपनी जादुई फुर्ती से विरोधियों को पस्त करने उतरेंगे।
सीतामढ़ी के रहने वाले पारा-बैडमिंटन खिलाड़ी उमेश विक्रम कुमार ने 2025 में बीडब्ल्यूएफ (बीडब्ल्यूएफ) विश्व रैंकिंग में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी का ताज पहनकर इतिहास रचा था।
मिस्र चैंपियनशिप में स्वर्ण सहित विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले उमेश से एशियाई खेलों में स्वर्ण की पक्की उम्मीद है।
झंडू और सोमन से उम्मीदें बरकरार

2006 में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बारूदी सुरंग विस्फोट में एक पैर गंवाने वाले सेना के सूबेदार सोमन राणा अदम्य साहस की जीती-जागती मिसाल हैं।
हाल ही में राष्ट्रमंडल खेल 2026 में 13.40 मीटर दूर गोला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाले राणा जापान में भी इसी लय को बरकरार रखना चाहेंगे।
ई-रिक्शा चलाने और पिता के साथ सब्जी बेचने के कठिन संघर्ष से निकलकर नालंदा के पारा भारोत्तोलक झंडू कुमार को आज पूरा देश जानता है।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में हैवीवेट कैटेगरी में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाने वाले झंडू कुमार अब एशियाई खेलों में अपनी ताकत दिखाएंगे।
स्वर्णिम छलांग लगाने को तैयार शैलेश

जमुई के पारा एथलीट शैलेश कुमार हांगझोऊ पारा एशियाई खेलों में ऊंची कूद (हाई जंप) में स्वर्ण और 2024 विश्व पारा एथलेटिक्स में रजत पदक जीतकर अपना लोहा मनवाया है।
शैलेश पेरिस पारालिंपिक में भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। जापान में वे एक बार फिर स्वर्णिम छलांग लगाने को तैयार हैं। पारा तैराक मो. शम्स आलम अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। शम्स आलम पानी की लहरों को चीरते हुए भारत के लिए पदक पक्का करने उतरेंगे।
क्रिकेट के हर प्रारूप में फिट बैठते ईशान

अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक जड़ने वाले खब्बू विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन अपने आक्रामक और विस्फोटक खेल से जापानी मैदानों पर धूम मचाएंगे।
घरेलू क्रिकेट में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने बल्ले के साथ कप्तानी में भी खुद को साबित किया है।
झारखंड को सैयद मुश्ताक अली-20 का खिताब दिलाने वाले ईशान ने इसी महीने दलीप ट्राफी में पूर्वी क्षेत्र को तीसरी बार ट्राफी दिलाई।
भारत को टी-20 का खिताब और वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज की खास बात यह है कि जब-जब उन्हें कप्तानी मिली, उनका प्रदर्शन और खिला।
सैयद मुश्ताक अली और दलीप ट्राफी में अगुआई करते हुए ईशान ने टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहा समस्तीपुर का वैभव

समस्तीपुर के युवा क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने विलक्षण प्रतिभा से खेल के हर प्रारूप में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
महज 12 वर्ष एवं 284 दिन की आयु में बिहार के लिए रणजी ट्राफी में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी ने हाल ही में दलीप ट्राफी में पूर्वी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए 92 रनों की पारी खेल सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने का कीर्तिमान बनाया।
इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) में राजस्थान रायल्स के लिए खेलते हुए वैभव ने 776 रन बनाकर आरेंज कैप अपने नाम की और एक सीजन में सर्वाधिक 72 छक्का जड़ रिकार्ड कायम किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई 2026 में पदार्पण कर वह भारत के लिए टी-20 खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। जिम्बाब्वे के विरुद्ध महज 19 गेंदों में सबसे तेज अर्धशतक भी जड़ा।
चीते जैसी चुस्ती वाली आरती और गुड़िया

रग्बी के खेल में राष्ट्रीय स्तर पर बिहार की बेटियों का एकतरफा राज रहा है। इसी शानदार विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाते हुए मुजफ्फरपुर की गुड़िया कुमारी और नवादा की आरती कुमारी को भारतीय रग्बी टीम में चुना गया है।
ये दोनों महिला खिलाड़ी अपनी चीते जैसी फुर्ती और शानदार टैकलिंग से भारत को पदक की दौड़ में सबसे आगे रखने के लिए मैदान पर उतरेंगी।
गुड़िया इसके पहले जूनियर एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता हैं। आरती अंडर-16, 18 और सीनियर वर्ग में एशियन स्तर पर पदक विजेता है। मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना से आरती दारोगा और गुड़िया निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर योगदान दे रही हैं।
हवा में कलाबाजी करते दिखेंगे राजधानी के बाॅबी
सेपकटाकरा जैसे हवा में कलाबाजी और जबरदस्त फिटनेस वाले चुनौतीपूर्ण खेल में पटना के बाॅबी अपना दमखम दिखाएंगे।
बाॅबी राजधानी के पाटलिपुत्र खेल परिसर में 2024 में संपन्न विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष रेगू टीम का अहम हिस्सा रहे हैं।
मलेशिया में इसी वर्ष मई में संपन्न सेपकटाकरा विश्वकप में क्वाड वर्ग में रजत पदक भी बाॅबी ने जीता है। किंग्स कप वर्ल्ड चैंपियनशिप और खेलो इंडिया बीच गेम्स जैसी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन किया है।
तीसरी बार प्रतियोगिता में भाग लेंगे शम्स आलम

20वें एशियाई खेलों में भाग लेने के साथ मधुबनी के मो. शम्स आलम तीन बार प्रतियोगिता के पारा स्वीमिंग वर्ग में शामिल होने वाले देश के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे।
इसके पहले 2018 में इंडोनेशिया और 2022 में चाइना में संपन्न एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके साथ वे पुर्तगाल में 2022 में वर्ल्ड चैंपियनशिप के एफएम-5 वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
पहली बार बिहार से इतनी संख्या में होंगे एथलीट
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण ने कहा कि प्रदेश से पहली बार इतनी बड़ी संख्या में एशियाई खेलों में एथलीट भाग ले रहे हैं।
इसके पहले वर्ष 2023 में राज्य से पांच खिलाड़ियों ने भाग लिया था। सरकार की खेल नीति और प्रोत्साहन योजना का असर भविष्य में जरूर पदकों में परिवर्तित होकर दिखेगा।
