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पटना की 108 साल पुरानी जलमीनार का बदलेगा रूप, 3.38 करोड़ से होगा जीर्णोद्धार; बनेगा आधुनिक कैफेटेरिया

Published: Mon, 21 Sep 2026 08:46 AM (IST)

नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि पटना के मिलर हाई स्कूल के पास स्थित 108 साल पुरानी जलमीनार के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण पर 3.38 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

कुछ ऐसा होगा म‍िलर स्‍कूल जलम‍िनार का स्‍वरूप, मंत्री नीतीश म‍िश्रा ने साझा की है यह तस्‍वीर।

कुछ ऐसा होगा म‍िलर स्‍कूल जलम‍िनार का स्‍वरूप, मंत्री नीतीश म‍िश्रा ने साझा की है यह तस्‍वीर।

HighLights

  1. 108 साल पुरानी पटना जलमीनार का 3.38 करोड़ से जीर्णोद्धार।

  2. पटना नगर निगम ने विकास व सौंदर्यीकरण हेतु निविदा आमंत्रित की।

  3. परिसर में आधुनिक कैफेटेरिया सहित समग्र विकास किया जाएगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि पटना के वीर चंद पटेल पथ स्थित मिलर हाई स्कूल के समीप 108 वर्ष पुरानी जलमीनार के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण पर 3.38 करोड़ खर्च होंगे।

पटना नगर निगम द्वारा जलमीनार परिसर के विकास, सौंदर्यीकरण एवं कैफेटेरिया निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। कार्यकारी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि परियोजना के तहत लगभग 14,400 वर्गफीट क्षेत्रफल में पूरे परिसर का समग्र विकास किया जाएगा। पर्यटकों एवं आगंतुकों की सुविधा के लिए लगभग 2,500 वर्गफीट क्षेत्रफल में आधुनिक कैफेटेरिया का भी निर्माण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1915 से 1918 के बीच निर्मित यह लगभग 130 फीट ऊंची जलमीनार पटना की ऐतिहासिक एवं तकनीकी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Miller School

पटना का पहला जलमीनार 

बता दें क‍ि इसे पटना की पहली जलमीनार माना जाता है। इसकी ऊंचाई 130 फीट और चौड़ाई करीब 7 फीट है। यह एक सामान्‍य जलमीनार से काफी अलग दिखता है। वास्‍तुकला के इस अनूठे नमूने को सहेजने की कवायद शुरू की गई है।  

दरअसल 1912 में जब ब‍िहार अलग राज्‍य बना था, उसके कुछ समय बाद विधानसभा के भवन का निर्माण शुरू हो रहा था।  इधर पटना हाईकोर्ट में भी विधायी कार्य की शुरुआत हुई।  

कई सरकारी कार्यालय भी थे, जहां जलापूर्ति की जरूरत महसूस हुई। उस समय अंग्रेजी शासनकाल था। तब यहां पानी टंकी का निर्माण शुरू क‍िया गया। यह करीब तीन वर्षों में बनकर तैयार हुआ, इसके एक वर्ष म‍िलर हाईस्‍कूल की स्‍थापना हुई।