पटना, राज्य ब्यूरो। शराब की तलाश में हर रोज पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम चार हजार से अधिक छापेमारी कर रही है। नवंबर माह में हर दिन औसत 10 हजार लीटर से अधिक शराब पकड़ी गई जबकि रोज 1529 लोग गिरफ्तार हुए। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी ने बताया कि नवंबर माह में पुलिस और उत्पाद टीम ने एक लाख 28 हजार 462 छापेमारी की जिसमें 45 हजार 876 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए।

इनमें उत्पाद टीम ने 25 हजार 20 जबकि पुलिस ने 20 हजार 856 गिरफ्तारी की। पूरे माह में तीन लाख दो हजार 541 लीटर शराब जब्त की गई। इनमें एक लाख 73 हजार लीटर देसी जबकि एक लाख 29 हजार लीटर विदेशी शराब थी। शराब से जुड़े मामलों में 1469 वाहन भी जब्त किए गए हैं। इस दौरान होम डिलिवरी करने वाले 952 व्यक्तियों को जेल भेजा गया है।

एक साल में पकड़े गए 739 वीआइपी

पिछले एक साल में शराब के नशे में 739 वीआइपी को पकड़ा गया है। इनमें सबसे अधिक 84 सरकारी कर्मी, 64 जनप्रतिनिधि, 23 डाक्टर और 13 अधिवक्ता शामिल हैं। अप्रैल में शराबबंदी संशोधन कानून लागू होने के बाद से धारा-37 के तहत एक हजार 11 लोग दोबारा शराब पीते पकड़े गए हैं। इनमें पुलिस ने 513 जबकि उत्पाद विभाग ने 498 लोगों को गिरफ्तार किया है।

चार माह में 92 प्रतिशत रही सजा दर

उत्पाद आयुक्त ने बताया कि तीन दिसंबर तक एक लाख 43 हजार 355 ट्रायल शुरू हो चुका है, जिनमें 83 हजार 254 ट्रायल पूरे हो चुके हैं। अभी तक 83 हजार से अधिक लोगों को सजा दी गई है, जबकि 975 व्यक्ति दोषमुक्त हुए हैं। पिछले चार महीने में सजा दर 92 प्रतिशत रहा है। एक मई से तीन दिसंबर तक 2937 ट्रायल पूरा हुआ है, जिसमें 2789 लोगों को सजा दी गई है। इनमें 89 को पांच वर्ष, पांच को छह वर्ष, 14 को सात वर्ष जबकि 23 व्यक्तियों को 10 वर्ष की सजा सुनाई गई है।

Edited By: Ashisha Singh Rajput

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