जलापूर्ति योजना का पाइप फटे होने से सैकड़ों लीटर पानी रोज बर्बाद हो रहा है। यह हाल है प्रखंड मुख्यालय से सटे पकरी-मिर्जापुर मोड़ के पास। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण इसकी मरम्मत नहीं की जा रही है। आलम ये कि फटे फाइप से निकलता फब्वारा बच्चों के लिए आनंद का साधन बन गया है। आसपास के बच्चे यहां स्नान करते व उछल-कूद करते दिख जाते हैं। एक ओर तपती दोपहरी में बड़ी आबादी कंठ तर करने के लिए लालायित रहती है तो दूसरी ओर यहां सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद होता है, और उसका संज्ञान लेने वाला कोई नहीं है। पाइप पीएचईडी विभाग द्वारा बिछाया गया है, जो क्षतिग्रस्त हो गया है।

बता दें कि प्रखंड क्षेत्र में भूगर्भीय जलस्तर काफी तेजी से नीचे गया है। ऐसे में अधिकांश चापाकल फेल हो गए है। जिससे क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। लोग जल स्तर की गिरने से काफी परेशान हैं। ऐसे में इस स्थान पर स्वच्छ पानी की बर्बादी लोगों को हजम नहीं हो रही है। अभी पानी की आवश्यकता हर किसी को कम से कम इतना है कि वह अपने दैनिक दिनचर्या को निपटा सके। ऐसे में यहां का बर्बाद होता पानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने के लिए काफी है।

Posted By: Jagran