प्रखंड क्षेत्र के लगभग सभी गांव में इन दिनों पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया है। पेयजल संकट से जूझ रहे ठेरा पंचायत की चिरैया गांव की अनुसूचित टोला के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने शुक्रवार की सुबह खाली बर्तनों को सड़क पर रखकर वारिसलीगंज-बरबीघा स्टेट हाइवे 83 को चिरैया गांव के समीप जाम कर दिया। सड़क जाम करने में ज्यादातर महिलाएं शामिल थीं। करीब पांच घंटा से अधिक समय तक सड़क पर जाम लगा रहा। जिस कारण वारिसलीगंज-बरबीघा आने-जाने वाले यात्री व मालवाहक वाहनों की लंबी कतार सड़क पर लग गई।

सड़क जाम की सूचना बाद वारिसलीगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी शंभू चौधरी व थानाध्यक्ष विनोद कुमार जाम स्थल पर पहुंचकर पानी समस्या के समाधान के लिए सड़क जाम कर रहे नाराज ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्यासे लोग तत्काल टैंकर मांगवाकर पानी उपलब्ध कराने की मांग पर अड़े रहे। फलत: अधिकारियों द्वारा पीएचईडी के अधिकारियों से बात कर पानी से भरा टैंक मंगाया गया व गांव में खराब हो चुके चापाकल को मरम्मत कराने के लिए मिस्त्री को बुलाया। साथ ही जल्द ही नल जल योजना का कार्य कराने का आश्वासन दिया। तब जाम हटवाया गया। मौके पर वार्ड सदस्य संजय रविदास ,मासे देवी, रिवर देवी ,मंजू देवी, तुसी देवी ,मारो देवी समेत अन्य ग्रामीण शामिल थे। बता दें कि एक सप्ताह पूर्व काशीचक प्रखंड के सरकट्टी के ग्रामीणों ने भी इस पथ को सरकट्टी मोड़ के समीप जाम किया था।

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गांव में नहीं हुआ है जल नल का कार्य

-ठेरा पंचायत की चिरैया गांव में दो वार्ड है। जिसमें वार्ड 1 व 2 शामिल है। वहां किसी भी वार्ड में जल नल योजना का कार्य नहीं हुआ है। गांव में लगे अधिकांश चापाकल जल स्तर नीचे चले जाने के कारण फेल हो चुका है। गांव वालों की शिकायत है कि कुछ माह पहले जल नल योजना के लिए दोनों वार्ड पंचायत में चयनित था। जिसके लिए नल जल योजना का कार्य कराने के लिए प्लांट भी गांव में लाया गया। लेकिन किसी कारणवश संवेदक प्लांट उठाकर कहीं अन्यत्र लेकर चला गया। जिस कारण दलित व पिछड़ा बाहुल्य इस गांव के ग्रामीण गुस्से में हैं। जाम हटवाने पहुंचे प्रखंड विकास अधिकारी को ग्रामीणों का गुस्सा का सामना करना पड़ा।

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पीएचईडी विभाग द्वारा करवाया जाएगा नल जल का कार्य

-जाम स्थल पर पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी शंभू चौधरी ने बताया कि जिस वार्ड में नल जल का कार्य नहीं कराया गया है, उस वार्ड में कार्य पूरा कराने के लिए पीएचईडी विभाग को जिम्मा सौंपा गया है। विभाग के अधिकारियों से हुई बातचीत के आधार पर बताया कि 28 मई को गांव में नलकूप गाड़ने के लिए टेंडर निकाला जाएगा। उम्मीद है जून के प्रथम सप्ताह में गांव वासियों की पानी की समस्या दूर हो जाएगी। बता दें कि राज्य सरकार के सात निश्चय योजना के लागू होने के बाद इस वर्ष पीएचईडी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चापाकल की मरम्मति कार्य नहीं किया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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