नवादा : साइबर अपराध के विरुद्ध कमर कस चुकी वारिसलीगंज थाना की पुलिस ने पैंगरी ग्रामीण अशोक गरांय के पुत्र प्रशांत कुमार उर्फ टुन्ना एवं कुंदन कुमार को गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। ठगी के मामले में गिरफ्तारी हुई है। एक लाख 20 हजार 500 रुपये नकदी सहित ठगी में प्रयुक्त विभिन्न कंपनियों का सात मोबाइल सेट, बैंक पासबुक , सैकड़ों कस्टमर का डिटेल्स बरामद हुआ। दोनों को जेल भेज दिया गया। एएसआइ ओम प्रकाश यादव द्वारा थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा गया है कि गुरुवार की शाम रकीब 6 बजे गुप्त सूचना मिली की दोनों आरोपित आम लोगों को सस्ते दर पर लोन देने का प्रलोभन देकर ठगी करने के धंधे में लिप्त है। ततपश्चात वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार संध्या गश्ती पर रहे ओम प्रकाश यादव पुलिस बलों के साथ पैंगरी गांव पहुंचकर आरोपी के घर पर छापेमारी किया। इस दौरान आरोपी के घरों की तलाशी लेने के क्रम में एक कमरा में छुप कर बैठा हुआ कुंदन कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के दौरान पलंग के नीचे तलाशी ली गई। जहां से चार अलग-अलग कंपनी के महंगी मोबाइल सेट, ठगी के लिए प्रयोग में लाया जाने वाले कस्टमर डीटेल्स की सूची दो सीट में समेत बैंक पासबुक आदि बरामद किया गया। हिरासत में लिए गए आरोपी की निशानदेही पर दूसरे कमरे की तलाशी ली गई। जहां दूसरा भाई प्रशांत कुमार उर्फ टुन्ना को गिरफ्तार किया गया। कमरे की तलाशी के क्रम में एक गोदरेज में रखा हुआ एक लाख बीस हजार रुपया, विभिन्न कंपनियों का तीन सेट महंगी मोबाइल फोन, दो सेट देश के विभिन्न राज्यों में निवास करने वाले कस्टमर का नाम लिखा हुआ डिटेल सूची बरामद किया गया। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसमें स्वीकार किया कि देश भर के लोगों को भिन्न भिन्न कंपनियों का लोन सस्ते दर पर उपलब्ध कराने का झांसा देकर 2020 से ठगी करने में दोनों भाई लिप्त हैं। इस दौरान धंधे के लिए मोबाइल फोन तथा एटीएम कार्ड उपलब्ध करवाने वाले ग्रामीण सह ठगों का सरगना आकाश कुमार का भी नाम पुलिस को बताया। बता दें की नालंदा के कतरीसराय से शुरू हुआ ठगी का गोरखधंधा आज नवादा जिला के वारिसलीगंज,काशीचक, पकरीबरावां ,शेखपुरा के शेखोपुर सराय आदि प्रखंडो के करीब करीब सभी गांवो में मजबूत पैठ बना चुकी है। जहां बैठे ठगो का नेटवर्क से जुड़ युवा गिरोह के द्वारा पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, नौकरी लगाने सहित कोरोना काल में ऑक्सीजन और रेडमीसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी करने में जुटे हैं। धंधे से जुड़कर 25 से 30 बर्ष आयु के युवाओं के पास नकदी, बैंक बैलेंस के अलावे महंगी बाइक एवं लग्जरी गाड़ियां के साथ ही शहरी क्षेत्र में मकान खरीद चुके हैं। कम उम्र में पैसे देख युवा वर्ग में क्राइम के प्रति दिन प्रतिदिन रुझान बढ़ रहा है। फलत: क्षेत्र के युवाओ का भविष्य अंधकारमय बनाने में अविभावकों की भूमिका भी सहयोगात्मक देखा जा रहा है। फलत: क्षेत्र में ठगी का धंधा अमरबेल की तरह फैल रहा है।

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