प्रखंड के चरौल गांव अवस्थित ठाकुरबाड़ी में श्रीराम जानकी प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा को लेकर 15 मई से शुरू हुए नौ दिवसीय श्रीराम कथा व वृंदावन के कलाकारों की रासलीला का समापान गुरुवार की रात हुआ। इस अवसर पर मौजूद सैंकड़ों श्रद्धालुओं के बीच प्रवचन देते हुए प्रसिद्ध प्रवचनकर्ता स्वामी प्रभजनानंद जी महाराज ने कहा कि कथा जीवन को संस्कारी बनाने और हृदय में बैठे हुए विकारों को समाप्त कर प्रभु प्रेम जगाने के लिए है। इसलिए लोग कभी कोई ऐसा कार्य न करें,जो स्वयं के लिए पसंद न हो। उन्होंने कहा कि संसार का सबसे बड़ा पुण्य किसी को सुख पहुंचाना और सबसे बड़ा पाप किसी को दुख पहुंचाना है। सत्य के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति ही संसार के आदर्श बनते हैं और जो व्यक्ति प्राप्त परिस्थिति में अपने आपको प्रसन्न रखता है,वही सफल माना जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से व्यर्थ की बातों में अपना कीमती समय बर्बाद नहीं करने का संदेश देते हुए कहा कि शास्त्र मानव के हृदय में मानवता का संचार करने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि जीव मात्र पर दया का भाव और हर परिस्थिति में प्रसन्न रहने वाला मनुष्य ही परमात्मा को पसंद हैं। साथ ही उन्होंने नित्य प्रभु स्मरण करते हुए संत के साथ बिताए क्षण को आत्मसात करते हुए अन्न का कण को बर्बाद नहीं करने की अपील की। कथा एवं रासलीला को लेकर गांव में भक्ति का माहौल बना रहा। नौ दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने में मुरारी सिंह, राजेश कुमार, रामप्रवेश सिंह, गौरीशंकर सिंह, उज्ज्वल कुमार, अनुज सिंह, सोनु कुमार, भासकर सिंह आदि ग्रामीणों का भरपूर सहयोग किया।

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Posted By: Jagran

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