नवादा। अनिश्चित कालीन हड़ताल पर डटे जिले के स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मी अपनी मांगों पर अड़ गए हैं। गुरुवार को कर्मियों ने सदर अस्पताल परिसर स्थित डीएचएस कार्यालय के समक्ष राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रधान सचिव आर.के.महाजन द्वारा कर्मियों को हटाए जाने का जारी आदेश पत्र को जलाकर अपना विरोध जताया। बिहार राज्य संविदा कर्मी संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में चार दिनों से हड़ताल पर रहे कर्मियों ने प्रधान सचिव के विरोध में घंटों प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रधान सचिव द्वारा संविदा कर्मियों को हटाए जाने का आदेश जारी कर डराने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समान काम का समान वेतन व सेवा नियमित करने समेत छह सूत्री मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन हड़ताल के चार दिनों में जिले भर के अस्पतालों की व्यवस्था चरमरा गई है। अस्पताल आने वाले मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। कर्मियों के अभाव में अधिकारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि विभाग के प्रधान सचिव द्वारा संविदा कर्मियों को हटाने के लिए आदेश पत्र जारी कर धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। ताकि हड़ताली कर्मी वापस काम पर आ जाएं। लेकिन कर्मी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर अडिग हैं। मांगे माने बगैर काम पर वापसी का सवाल ही नहीं उठता है। इस दौरान आयुष चिकित्सक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.अभिजीत कुमार व सचिव डॉ.धनंजय कुमार ने कहा कि विभाग के अधिकारियों की धमकी से हड़ताली कर्मी डरने वाले नहीं हैं। संविदा कर्मियों की मांग को जबतक पूरा नहीं किया जाएगा तबतक हड़ताल जारी रहेगा। इस दौरान चौथे दिन भी संविदा कर्मियों का हड़ताल जारी रही। सभी कर्मी दिनभर डीएचएस कार्यालय के समक्ष धरना पर डटे रहे।

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जिले में 269 संविदा कर्मी हैं बहाल

- संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि सदर अस्पताल समेत प्रखंड के पीएचसी में अलग-अलग पदों पर 269 संविदा कर्मी बहाल हैं। जिसमें नरहट, हिसुआ व नारदीगंज प्रखंड के 30 कर्मी हड़ताल में शामिल नहीं हैं।

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कौन-कौन पद पर हैं बहाल

- चिकित्सक-54, डीएचएस-05, डाटा ऑपरेटर-49, फार्मासिस्ट- 18, एएनएम-70, बीसीएम-04, लेखापाल-10, बीएचम-11, अस्पताल प्रबंधक-01, काउंसेलर-02 एवं एलटी-15 बहाल हैं।

By Jagran