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पिता की हत्या के आरोप में पुत्र को उम्रकैद, नवादा में चाकू से हमला कर उतारा था मौत के घाट

By Ravi ShankarEdited By: Radha Krishna
Published: Mon, 28 Sep 2026 05:51 PM (IST)

नवादा में पिता की चाकू मारकर हत्या के मामले में अदालत ने पुत्र मुकेश मांझी को सश्रम आजीवन कारावास की ...और पढ़ें

पुत्र को सश्रम आजीवन कारावास की सजा

पुत्र को सश्रम आजीवन कारावास की सजा

HighLights

  1. नवादा में पुत्र को पिता की हत्या के लिए उम्रकैद।

  2. मुकेश मांझी ने चाकू से हमला कर पिता को मारा।

  3. अदालत ने भारतीय न्याय संहिता के तहत सजा सुनाई।

जागरण संवाददाता, नवादा। नवादा में पिता की हत्या के मामले में अदालत ने पुत्र को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय उपेंद्र कुमार की अदालत ने सोमवार को मामले में फैसला सुनाया। दोषी मुकेश मांझी को उम्रकैद के साथ पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।

मुकेश मांझी पकरीबरावां थाना क्षेत्र के ओदपुरा मुसहरी का रहने वाला है। अदालत ने उपलब्ध गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी ठहराया।

कमरे में सो रहे पिता पर चाकू से हमला

मामला 27 सितंबर 2024 की रात करीब आठ बजे का है। ओदपुर गांव निवासी इंदल मांझी अपने कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान उनके पुत्र मुकेश मांझी ने चाकू से उन पर हमला कर दिया।

हमले में इंदल मांझी गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई थी।

मृतक की मां के बयान पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी

घटना को लेकर मृतक की मां मनकवा देवी के बयान पर स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में कांड संख्या 435/24 दर्ज कर जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए और उन्हें अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से भी घटना से जुड़े तथ्यों और गवाहों के बयान अदालत के सामने रखे गए।

गवाहों के बयान और साक्ष्यों पर आया फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने मुकेश मांझी को दोषी माना।

अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

अभियोजन पक्ष ने अदालत में रखा मामला

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन पदाधिकारी नवनीत कुमार ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार बनाकर अभियोजन ने आरोपी के खिलाफ अपना पक्ष रखा।

अदालत के फैसले के बाद पिता की हत्या के इस मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई और दोषी पुत्र को उम्रकैद की सजा मिली।