नवादा: स्कूल तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं, कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर बच्चे और शिक्षक
नवादा के मेसकौर प्रखंड स्थित लालू नगर के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता कीचड़ भरा है, जिससे बच्चों और शिक्षकों को भारी परेशानी होती है।

कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर बच्चे और शिक्षक
HighLights
लालू नगर स्कूल तक कीचड़ भरा रास्ता।
बच्चों और शिक्षकों को आने-जाने में दिक्कत।
ग्रामीणों ने पक्की सड़क बनाने की मांग की।
संवाद सूत्र, मेसकौर (नवादा)। मेसकौर प्रखंड के बारत पंचायत अंतर्गत लालू नगर गांव स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय लालू नगर तक पहुंचने के लिए आज भी बच्चों और शिक्षकों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। वर्षा के दिनों में विद्यालय जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है।
इससे छोटे-छोटे बच्चों को फिसलन भरे रास्ते से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। शिक्षकों को भी इसी रास्ते से आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
लालू नगर गांव की अधिकांश आबादी अनुसूचित जाति के मांझी परिवारों की है। ऐसे में विद्यालय तक बेहतर सड़क नहीं होने का सबसे अधिक असर इसी समुदाय के बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि वर्षा के दौरान बच्चों को विद्यालय भेजना जोखिम भरा हो जाता है। रास्ते में फिसलकर बच्चों के चोटिल होने की आशंका बनी रहती है।
सड़क और पहुंच पथ की समस्या लंबे समय से: प्रधानाध्यापक
प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार ने बताया कि गांव में सड़क और विद्यालय तक पहुंचने के रास्ते की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय का निर्माण कर दिया गया है, तो विद्यालय तक पहुंचने के लिए सुगम और सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था भी होनी चाहिए। कीचड़ और जलजमाव के कारण बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से विद्यालय तक पक्के रास्ते का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।
