जिले में उमस भरी गर्मी से हर तबका परेशान है। इस बीच शनिवार की देर रात रोहिणी नक्षत्र का प्रवेश होगा। रोहिणी नक्षत्र भी गर्मी के लिए मशहूर माना जाता है। ऐसे में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। जिले में उतरा व पूरवा हवा के चलने से लू के साथ गर्म हवा से लोगों को राहत मिली है, लेकिन पसीने ने लोगों को परेशान कर रखा है। ऐसे में पंखा से लेकर कूलर भी लोगों को राहत नहीं दे पा रहा है।

शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरवा हवा के कारण अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की कमी तो आई है, लेकिन इसका अहसास लोगों को नहीं हो पा रहा है। रोहिणी नक्षत्र के प्रवेश के साथ ही अधिकतम तापमान में वृद्धि होगी तथा इसके एकबार फिर 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। हवा में नमी की मात्रा भी कम हुई है। शुक्रवार को यह 30 प्रतिशत रहा। हवा12 किलोमीटर रफ्तार से चला, लेकिन उमस भरी गर्मी ने सबों को परेशान किया।

आमतौर पर रोहिणी नक्षत्र कृषि का मुख्य नक्षत्र माना जाता है। इसी नक्षत्र में किसान खेतों में धान के बिचड़े गिराने का काम करते हैं। इसके साथ ही मड़ुआ व मकई लगाने का मुख्य मौसम है। लेकिन रोहिणी के प्रवेश के पूर्व बाराशि नहीं होने से खेतों में नमी का अभाव है। धान के साथ मड़ुआ का बीज गिराना मुश्किल होगा। कारण स्पष्ट है भूगर्भीय जलस्तर में कमी। गत वर्ष तक किसान खेतों में डीजल पंप के सहारे बिचड़ा गिराने में सफल रहे थे, लेकिन इस वर्ष ऐसा कर पाना संभव हो भी पाएगा इसकी संभावना काफी कम है। कुल मिलाकर रोहिणी नक्षत्र के आगमन के पूर्व ही किसानों की चिता बढ़नी आरंभ हो गई हो गई है। किसानों को झमाझम बारिश का इंतजार है। क्योंकि इसके बगैर कृषि कार्य आरंभ होना संभव नहीं है।

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Posted By: Jagran