- जिले में पहले 129 प्लस टू विद्यालय थे, बाद में 79 मध्य विद्यालयों को अपग्रेड कर प्लस टू की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था की गई, लेकिन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति नहीं की गई

-जिले में 1010 प्राथमिक विद्यालय और 665 मध्य विद्यालय हैं

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संवाद सहयोगी, नवादा : जिले में शिक्षा सुधार के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन साधन-संसाधन की कमी इसमें बाधक बन रही है। सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों की कमी है। जिसके चलते छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। जिले में 1010 प्राथमिक विद्यालय और 665 मध्य विद्यालय हैं। आकांक्षी जिला में शामिल होने के बाद जिले के हरेक पंचायतों में प्लस टू की पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। जिले में पहले 129 प्लस टू विद्यालय थे। बाद में 79 मध्य विद्यालयों को अपग्रेडेड करते हुए उन स्कूलों में प्लस टू की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। लेकिन उन विद्यालयों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति नहीं की गई है। सभी विषयों के शिक्षक नहीं रहने के चलते गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा है।

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150 स्कूलों में बाला गतिविधि

- जिले के 150 प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में बाला गतिविधियां शुरू की गई है। ताकि बच्चों की उपस्थिति को बढ़ाया जा सके। इस गतिविधि के तहत स्कूलों को नया रूप दिया गया है। खेल-खेल में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है।

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118 स्कूलों में स्मार्ट कक्षा संचालित

- जिले 118 हाई स्कूलों में स्मार्ट कक्षा संचालित की जा रही है। आकांक्षी जिला में शामिल होने के बाद इस प्रकार की नई व्यवस्था की गई है। जिसके जरिए बच्चों को शिक्षा दी जा रही है।

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बनाए जा रहे 40 नए स्कूल भवन

- जिले में सात करोड़ की लागत से 40 नए स्कूल भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। पार्टनर संस्था ओएनजीसी ने यह राशि उपलब्ध कराई है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा स्कूलों का भवन।

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