नवादा। थाना क्षेत्र के दुलम विगहा गांव में मंदिर विवाद दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है। दो माह से पुलिस मंदिर में ताला लगा रखी है। मामले को सुझाने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया जा रहा है, लेकिन एक प्रशासन की नहीं सुन रहा है। ऐसे में विवाद का हल नहीं हो रहा है। जिसके कारण महादलित परिवारों में भारी रोष देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला :

गांव के महादलित परिवार के अनिल राजवंशी, राजू राजवंशी, लक्ष्मण रविदास, दिलीप रविदास, कुलदीप रविदास, केदार राजवंशी, नरेश राजवंशी, ¨सटू कुमार, मनोज रविदास, राम भज्जू राजवंशी, संजय रविदास, ¨पटू राजवंशी आदि लोगों ने बताया कि हम महादलित परिवार के लोग आपस में चंदा कर मां भगवती का भव्य मंदिर बनाया। इस मंदिर में 3 जून 2017 को प्राण प्रतिष्ठा होना था। लेकिन गांव के परमेश्वर यादव ने प्राण प्रतिष्ठा के दो दिन पूर्व ही जबरन मंदिर का ताला तोड़कर उसमें राधा कृष्ण का मूर्ति रख दिया।

थाना में पहुंचा मामला :

परेमश्वर यादव द्वारा मंदिर में राधा-कृष्ण की मूर्ति रखे जाने के बाद महादलित परिवार के लोग थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आलोक में थानाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद, बीडीओ और सीओ गांव पहुंचकर मंदिर में ताला लगा कर दोनों पक्षों को थाना में बुलाकर बैठक कर मामले का सुलझाने का प्रयास किया। लेकिन कई बैठक में निर्धारित समय पर परमेश्वर यादव के पक्ष के एक भी लोग थाने नहीं पहुंचे। जबकि महादलित परिवार के लोग हमेशा दिए गए समय पर मौजूद रहे। जिसके कारण मंदिर विवाद को सुलझया नहीं जा सका। जन्माष्टमी के दिन रजौली एसडीएम शंभुशरण पांडेय, बीडीओ उमेश कुमार ¨सह, सीओ महेश प्रसाद ¨सह, थानाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद दुलमबिगहा गांव पहुंच मामले की पड़ताल की थी।

कहते हैं पदाधिकारी :

इस बाबत नरहट सीओ ने बताया कि विवाद का हल निकालने के लिए परमेश्वर यादव सहित दोनों पक्षों को नोटिस भेजकर 10 सितम्बर रविवार को थाने में बुलाया गया था। महादलित परिवार के लोग तो आ गए लेकिन दूसरे पक्ष से एक भी लोग नहीं आए हैं। सीओ ने बताया कि इस मामले में एसडीएम से बात कर गांव में ही बैठक कर मंदिर विवाद को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल लंबे समय से मंदिर में ताला बंदी के कारण पूजा अर्चना नहीं होने से महादलित परिवारों में रोष व्याप्त है।

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