नवादा। पेट्रोल पंप व पेट्रोलियम व्यवसायियों पर बढ़ती आपराधिक घटनाओं का नवादा के पेट्रोलियम व्यवसायियों ने विरोध जताया है। बिहार पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को नवादा के पेट्रोल पंप व्यवसायी व कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर डीजल-पेट्रोल की बिक्री की।

पेट्रोलियम व्यवसायियों ने कहा कि पूरे प्रदेश में अपराधियों द्वारा लगभग रोज कहीं न कहीं पेट्रोल पंपों को निशाना बनाया जा रहा है। हमले में व्यवसायियों व कर्मचारियों की जानें गई हैं। लूट व हत्या की घटनाओं का राजफाश करने में प्रशासन असफल रहा है। यह हाल तब है जबकि राज्य के सबसे बड़े टैक्स पेयर हमलोग हैं। इतना ही नहीं पेट्रोलियम व्यवसायियों के हथियारों के लाइसेंस के आवेदनों को लगातार लटका के रखा जाता है। जबकि कई प्रदेशों में पेट्रोलियम व्यवसायियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के तहत हथियारों के लाइसेंस दिए जाते हैं।

कभी भी पुलिस प्रशासन पेट्रोलियम व्यवसायियों के साथ मीटिग कर उनकी समस्याओं पर विचार नहीं करती है। पूरे प्रदेश में मात्र मुजफ्फरपुर ही एक ऐसा जिला है, जहां इस तरह की कोशिश वहां के पुलिस अधीक्षक ने की है। मुजफ्फरपुर के पुलिस अधीक्षक ने एक वाट्सएप ग्रुप बनाया है, जिसमें जिले के सभी थानाध्यक्ष, सभी पेट्रोलियम व्यवसायी शामिल हैं। जिससे किसी भी तरह की घटना अविलंब हर जगह पुलिस पहुंच जाती है। व्यवसायियों ने सवाल किया कि क्या इस तरह की कोशिश सभी जिलों में नहीं हो सकती है? जिले के सभी व्यवसायियों ने एक स्वर में कहा कि अगर जिला व पुलिस प्रशासन हमारी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करती है तो जल्द ही प्रदेश के सारे पेट्रोलियम व्यवसायी हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। वारिसलीगंज के पेट्रोल पंप संचालक अरुंजय कुमार कहते हैं कि हाल के दिनों में जिस कदर अपराधियों के निशाने पर पेट्रोल पंप संचालक आए हैं, उससे असुरक्षा की भावना हर किसी में उत्पन्न हुई है। सरकार व प्रशासन को सुरक्षा देने के लिए आगे आना चाहिए।

Posted By: Jagran

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