सरकार द्वारा पॉली बैग पर लगाया गया प्रतिबंध का बाजारों में बेअसर साबित हो रहा है। प्रखंड बाजार में पॉली बैग पर लगाया गया प्रतिबंध का कोई असर नहीं दिख रहा है। कौआकोल, रानीबाजार, गोला बड़राजी, भलुआही बाजार आदि इलाकों में पॉलीथीन पर प्रतिबंध के बावजूद दुकानदार खुलेआम इस्तेमाल कर रहे हैं। सब्जी व खुदरा किराना बिक्रेताओं द्वारा सामान पॉली बैग में दिया जा रहा है। कौआकोल बाजार निवासी सनोज कुमार ने बताया कि पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाना बहुत जरूरी था। लेकिन ग्राहक समान लेने के बाद पॉली बैग की मांग करने लगते हैं। वहीं गोला बड़राजी के दुकानदार मनोज कुमार बताते है कि जब तक जिला स्तर पर पॉलीथिन के थोक विक्रेता पर प्रतिबंध नही लगता है तब तक लोग इसका इस्तेमाल करते रहेंगे। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर रोक लगाना होगा। तभी यह कारगर हो सकता है। पॉली बैग का धड़ल्ले से हो रहा उपयोग

संसू, हिसुआ: सरकार द्वारा पॉली बैग पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी स्थानीय बाजार में धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। नगर पंचायत क्षेत्र में सब्जी, फल व किराना दुकानदार पॉली बैग में समान देने में जुटे हैं। जबकि सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद नगर पंचायत के सभी दुकानदारों को नोटिस देकर पॉली बैग इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी गई है।  शुरुआती दौर में नगर पंचायत द्वारा दुकानों में छापामारी अभियान चलाया गया था। तथा दुकानदार व ग्राहक दोनों को पॉलीथिन प्रयोग का दोषी ठहराते हुए दोनों पर जुर्माना किया गया था। दुकानदार पर 1500 रूपये व ग्राहक पर 100 रूपया का जुर्माना लगाया गया था । नगर पंचायत के इस कार्रवाई से नप क्षेत्र में कुछ दिनों तक पॉलीथिन निर्मित कैरी बैग पर पूर्ण रूप से रोक लग गया था।  लेकिन विभागीय शिथिलता बरतने पर पुन: पॉलीथिन का प्रयोग शुरू हो गया। शिकायत मिलने पर नप कर्मियों द्वारा 31 मार्च को पुन: छापामारी अभियान चलाया गया था। इस अभियान में दस ग्राहक सहित 26 लोगों पर जुर्माना किया गया था। छापामारी अभियान लगातार नहीं चलने के कारण दुकानदार व ग्राहक पॉली बैग का खुलेआम इस्तेमाल करते दिख रहे है। इस संबंध में नप कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि बहुत जल्द सघन छामापारी अभियान चलाया जाएगा। पॉली बैग का प्रयोग करने वाले दुकानदार को पकड़े जाने पर 5000 रूपये जुर्माना की राशि वसूली जाएगी।

Posted By: Jagran