120 दिन से नंगे पैर आंदोलन, फिर भी रेलवे मौन; नवादा के ओड़ो स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की मांग को लेकर डटे अरविंद मिश्रा
अरविंद मिश्रा 120 दिनों से नवादा के ओड़ो रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग ...और पढ़ें

तिलैया-राजगीर रेलखंड पर बना ओड़ो स्टेशन
HighLights
अरविंद मिश्रा का ओड़ो स्टेशन पर 120 दिन से नंगे पैर आंदोलन।
एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और मूलभूत सुविधाओं की मुख्य मांग।
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
संवाद सूत्र, नारदीगंज (नवादा)। तिलैया-राजगीर रेलखंड पर ओड़ो रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर 'एंटी क्राइम ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन काउंसिल' के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मुखिया अरविंद मिश्रा का नंगे पैर आंदोलन लगातार जारी है।
14 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ उनका आंदोलन 120वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इतने लंबे समय बाद भी रेल प्रशासन की ओर से मांगों पर ठोस पहल नहीं होने से आंदोलनकारी में नाराजगी है।
पैरों के छाले बयां कर रहे जनता का दर्द
नंगे पैर आंदोलन कर रहे अरविंद मिश्रा ने कहा कि उनके पैरों में पड़े छाले केवल शारीरिक घाव नहीं हैं, बल्कि आम जनता की पीड़ा, दर्द और उपेक्षा की गवाही दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इतने दिनों से आंदोलन जारी रहने के बावजूद रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से अपेक्षित पहल नहीं की गई है।
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान
अरविंद मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जब तक तिलैया-राजगीर रेलखंड के ओड़ो स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव और अन्य मूलभूत यात्री सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक उनका नंगे पैर आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के यात्रियों की समस्याओं को लेकर किया जा रहा है।
दानापुर इंटरसिटी समेत एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग
आंदोलन के माध्यम से ओड़ो स्टेशन पर दानापुर इंटरसिटी समेत दो अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से आसपास के गांवों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और उन्हें दूसरे स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
स्टेशन पर अंडरपास या ओवरब्रिज बनाने की मांग
ओड़ो स्टेशन के नीचे अंडरपास अथवा ऊपर ओवरब्रिज बनाने की भी मांग उठाई गई है। आंदोलनकारियों के अनुसार, यात्रियों को एक ओर से दूसरी ओर आने-जाने में परेशानी होती है। ऐसे में स्टेशन पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था जरूरी है।
प्लेटफार्म पर मालगाड़ी खड़ी रहने से परेशानी
आंदोलनकारियों ने ओड़ो स्टेशन की एक नंबर पटरी पर लंबे समय तक मालगाड़ी खड़ी नहीं करने की मांग भी रखी है।
उनका कहना है कि मालगाड़ी के लंबे समय तक खड़े रहने से आम यात्रियों को आवागमन में परेशानी होती है। इसके अलावा स्टेशन पर यात्री शेड की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
शौचालय और शुद्ध पेयजल की भी उठी आवाज
ओड़ो स्टेशन पर आधुनिक शौचालय और शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था कराने की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा है।
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें काफी परेशानी होती है। आंदोलनकारियों ने रेलवे से इन सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने की मांग की है।
राष्ट्रपति और रेल मंत्री तक पहुंचाई गई शिकायत
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, दानापुर डीआरएम और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भी पत्र भेजकर ओड़ो स्टेशन की समस्याओं से अवगत कराया गया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि कई स्तरों पर अपनी मांग रखने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
मांगें नहीं मानी गईं तो तेज होगा आंदोलन
नंगे पैर आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आंदोलनकारियों का कहना है कि ओड़ो स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विस्तार क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही जरूरत है और मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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