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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Politics: महागठबंधन में टिकट के दावेदारों को अपने-अपने आलाकमान पर भरोसा, इस सीट पर टाइट फाइट!

Published: Mon, 08 Sep 2025 04:00 PM (GMT+05:30)

नवादा जिले के वारिसलीगंज विधानसभा क्षेत्र में 2025 के चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। एनडीए से भाजपा की ...और पढ़ें

महागठबंधन में टिकट के दावेदारों को अपने-अपने आलाकमान पर भरोसा
महागठबंधन में टिकट के दावेदारों को अपने-अपने आलाकमान पर भरोसा

HighLights

  1. वारिसलीगंज में 2025 चुनाव की तैयारी तेज
  2. अरुणा देवी एनडीए की प्रबल दावेदार
  3. महागठबंधन में टिकट के लिए होड़

अशोक कुमार, वारिसलीगंज (नवादा)। कृषि के क्षेत्र में उर्वर माना जाने वाला तीन प्रखंडों समेत एक नगर परिषद को मिलाकर बना है वारिसलीगंज विधानसभा क्षेत्र। यहां के वर्तमान विधायक एनडीए गठबंधन की भाजपा नेता अरुणा देवी हैं। चूंकि पिछले चुनाव में जिले की पांच विधानसभा में से एनडीए की एकमात्र सीट वारिसलीगंज से अरुणा देवी भाजपा की टिकट पर चुनाव जीती थीं। जो पुनः उक्त गठबंधन से टिकट की दावेदार मानी जा रही हैं।

वे लगातार पार्टी के कार्यक्रमों में कार्यकर्ता से संपर्क बना रही हैं, जबकि महागठबंधन ने वारिसलीगंज से काशीचक के पूर्व जिला पार्षद सतीश कुमार उर्फ मंटन सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं, चुनाव को तिकोनिया बनाने में सफल रहीं पूर्व विधायक प्रदीप कुमार की पत्नी आरती सिन्हा उम्मीद से ज्यादा मत लाने में सफल हुई थीं।

2020 के विस चुनाव की स्थिति पुनः वारिसलीगंज में होते दिख रही है। एनडीए की टिकट की मुख्य दावेदार फिर अरुणा देवी हैं, जबकि महागठबंधन से टिकट के दो दावेदारों के बीच जोर आजमाइश चल रही है। फेसबुक, इंस्टाग्राम के माध्यम से लोगों के बीच महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी रहे कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सतीश कुमार मंटन पुनः कांग्रेस पार्टी से उनकी उम्मीदवारी तय बताते हैं।

उनका कहना है कि आलाकमान उन्हें ही प्रत्याशी बनाएंगे, जबकि 17 वर्षों के बाद जेल से निकले सरदार अशोक महतो प्रदीप महतो की जगह ले रहे हैं। एक साल पहले से विधानसभा क्षेत्र के गांव का भ्रमण कर महागठबंधन के तहत राजद से अपनी पत्नी अनिता देवी (मुंगेर लोस से राजद की प्रत्याशी रहीं) को राजद से टिकट मिलना तय बताते हुए लोगों से लालटेन छाप पर ईवीएम का बटन दबाने की अपील कर रहे हैं।

चूंकि मुंगेर लोकसभा सीट से अनिता को काफी समर्थन मिला था। फलतः अशोक महतो वारिसलीगंज विस से अपनी पत्नी की दावेदारी तथा जीत को 100 फीसदी सुनिश्चित बताते हैं। क्षेत्र के लोगों में अभी असमंजस की स्थिति बनी है क्योंकि महागठबंधन के दोनों दावेदार जनता के बीच अपना टिकट कन्फर्म बता रहे हैं। अनिता देवी क्षेत्र में धुंआधार प्रचार कर रही हैं।

इस बार एक फेसबुकिया नेता जी की साइबर बार बढ़ गई है। पड़े लिखे युवा हैं। दिल्ली में भाजपा के अधिकारी हैं। कभी- कभी पार्टी के कुछ शीर्ष नेताओं के साथ फोटो शेयर कर लगातार अपनी पकड़ को मजबूत बनाने की कोशिश में जुटे हैं। अपने आपको एनडीए गठबंधन के तहत भाजपा से टिकट के प्रबल दावेदार बता जनता से समर्थन मांग रहे हैं।

फेसबुकिया नेता जी खुले शब्दों में जनता को आगाह कर रहे हैं कि अगर वारिसलीगंज का विकास चाहिए तो यह कि सम्पूर्ण जनता को जात पात, धर्म विभेद से ऊपर उठकर नेता का चुनाव करना होगा। इन्होंने तो अपना चुनावी घोषणा पत्र भी अपने फेसबुक पेज पर जारी कर दिया है। जिसमें वारिसलीगंज के तमाम छोटे बड़े मुद्दे हैं। जिनसे जनता का भला हो सकेगा।

दूसरी ओर, इस बार सम्पूर्ण बिहार में पिछले एक वर्षों से अपना राजनीतिक विसात बिछा रहे प्रशांत किशोर की पार्टी से जुड़े एक व्यक्ति उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल हैं। जो करीब आठ-दस महीने से गांव-गांव पदयात्रा कर रहे हैं। हालांकि, वारिसलीगंज विस क्षेत्र में उक्त नवोदित दल की बहुत पकड़ नहीं दिख रही है।

हालांकि, इस दल से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि कोई भारी भरकम प्रत्याशी को जनसुराज उम्मीदवार बनाएगी, जबकि कई अन्य नेता जो अभी छुपे रुस्तम हैं वे चुनावी अधिसूचना की प्रतीक्षा में हैं। चुनाव की तिथि घोषित होते ही उनकी चहल कदमी बढ़ने की संभावना है।

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