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नवादा में इंडस्ट्रियल हब के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू, 249 रैयतों को नोटिस; मुआवजे के लिए लगा विशेष शिविर

Published: Wed, 07 Oct 2026 04:23 PM (IST)

रजौली प्रखंड के भड़रा गांव में बिहार औद्योगिक विकास क्षेत्र, नवादा के लिए 139.39 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

नवादा में औद्योगिक विकास को गति, 139 एकड़ जमीन अधिग्रहण शुरू (AI Generated Image)

नवादा में औद्योगिक विकास को गति, 139 एकड़ जमीन अधिग्रहण शुरू (AI Generated Image)

HighLights

  1. नवादा में 139.39 एकड़ जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू।

  2. 249 व्यक्तियों को नोटिस, दस्तावेज जमा करने का शिविर।

  3. अधिकारियों ने उचित मुआवजे और पारदर्शिता का आश्वासन दिया।

संवाद सूत्र, रजौली। रजौली प्रखंड क्षेत्र के जोगियामारण पंचायत के भड़रा गांव के समीप बिहार औद्योगिक विकास क्षेत्र, नवादा के लिए बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार द्वारा इस क्षेत्र में कुल 139.39 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

जमीन अधिग्रहण को लेकर प्रशासन ने 249 व्यक्तियों को नोटिस जारी किया है। नोटिस प्राप्त सभी रैयतों से आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए भड़रा गांव स्थित पैक्स गोदाम के समीप विशेष शिविर लगाया गया है। यह शिविर बीते तीन अक्टूबर से शुरू हुआ है और आगामी 16 अक्टूबर तक चलेगा।

शिविर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में जमीन मालिक पहुंचकर अपने कागजात जमा कर रहे हैं। बुधवार को शिविर का निरीक्षण करने अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमित कुमार रंजन पहुंचे।

इस दौरान उनके साथ राजस्व अधिकारी सह कानूनगो धनश्री बाला, अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी एवं राजस्व कर्मचारी निरंजन कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने जमीन मालिकों से संवाद कर उन्हें अधिग्रहण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। आवश्यक दस्तावेजों को समय पर जमा करने की अपील की।

अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने बताया कि जमीन मालिकों को एलपीसी बनवाना अनिवार्य है। एलपीसी के लिए जमीन का केवाला या खतियान, अद्यतन लगान रसीद, इम्युनिटी बान्ड, शपथ पत्र और भू-अर्जन का नोटिस आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सभी रैयत तत्परता से अपने दस्तावेज तैयार कर शिविर में जमा करें, ताकि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि शिविर में ही राजस्व कर्मियों द्वारा दस्तावेजों की जांच की जा रही है और त्रुटियों को मौके पर ही सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। कुछ किसानों ने उचित मुआवजे की मांगकी है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि सरकार द्वारा निर्धारित दर पर सभी को उचित मुआवजा दिया जाएगा।