नवादा। प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल को लेकर हाहाकार मचने लगा है। सुबह व देर रात हैंडपंप चलने की आवाज सुनाई देने लगी है। घर के बच्चे भी हाथों में डिब्बा लिए हैंडपंप की ओर भागते नजर आते हैं। मोहल्ले के ज्यादातर हैंडपंप ने पानी देना बंदकर दिया है। चल रहे गिने चुने हैंडपंप पर पानी भरने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है।

ग्रामीण क्षेत्र में लगाए गए सोलरयुक्त जलमीनार पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की लापरवाही के कारण बेकार साबित हो रहे हैं। नतीजतन ग्रामीण भी योजना को देख अपने को ठगा महसूस करने लगे हैं। बरेब पंचायत की भागलपुर, फतेहपुर पंचायत की फतेहपुर गांव में ग्रामीण जलापूर्ति योजना भी नित्य दिन पानी देने में अबतक सक्षम नहीं हो पाया है। पेयजल योजना के फेल होने से परेशान लोग मजबूरन कुआं और चापाकल का पानी पीने को विवश हैं। बरेव पंचायत की बात करें तो अनुसूचित बाहुल्य गांव भागलपुर में लगाए गए सोलरयुक्त पानी टंकी जैसी योजना विगत साल भर से चालू नहीं हो सका। मुखिया संतोष कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के भागलपुर गांव आने की संभावना थी तो यहां जल मीनार पीएचईडी के द्वारा बनाया गया था। ग्रामीण विजय मांझी, अजय राम, विष्णु राजवंशी कहते हैं कि सरकार योजना बनाकर धरातल पर उतारती है लेकिन सही देखभाल समय-समय पर नहीं करने के कारण योजना समय से पहले ही दम तोड़ देती है।

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क्या कहते हैं पदाधिकारी

- मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना में एक योजना हर घर नल जल का लाभ दिया जाना है, लेकिन पीएचईडी के द्वारा काम शिथिलता बरती जा रही है। प्रखंड में पानी की समस्या से जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा।

नौशाद आलम सिद्दीकी, बीडीओ, अकबरपुर।

Posted By: Jagran

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