नवादा। थाना क्षेत्र के अपसढ़ गांव के कंचनपुरी महादलित टोला में सोमवार की देर रात टाले मांझी नामक अधेड़ महादलित की घर से खींचकर जमकर पिटाई की गई। उसके बाद उसे गोली मार दी गई। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। शव को पास के तालब में फेंक दिया गया। सुबह हंगामा खड़ा होने की आशंका के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जलाने का प्रयास किया गया। इस बीच किसी ने सूचना पुलिस के आला अधिकारियों को दे दी। तब पुलिस हरकत में आई और श्मशान घाट से अधजली शव को बरामद किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विकास वर्मन स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे मामले की छानबीन की। घटना में स्थानीय ग्रामीण व भाजपा विधायक अरुणा देवी के पति अखिलेश ¨सह का रिश्ते में मामा धर्मेंद्र उर्फ धारो ¨सह उर्फ मामू का नाम सामने आया है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।

मृतक की पत्नी लाछो देवी व पुत्री कारी देवी के अनुसार रात्रि 8-9 बजे के करीब धारो उर्फ मामू घर पर पहुंचा। उसने सभी को धान चोरी करने के लिए चलने को कहा। जिसपर ताले ने यह कहते हुए इंकार कर दिया कि रात में उसकी बेटी व पत्नी बाहर नहीं जाएगी। ताले का इंकार धारो को नागवार गुजरा और उसे घर के बाहर ले जाकर लाठी डंडे से बुरी तरह से पिटाई कर दिया। फिर उसे टोला से बाहर लेजाकर गोली मार दी। पत्नी व बेटी के अनुसार उसे चार गोली मारी गई। जिससे उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई। मौत होने के बाद शव को अपसढ़ के तालाब में लाकर फेंक दिया। सुबह में मामला बढ़ा तो पंचायती का दबाव बनाया गया। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को गांव में श्मशान पर लाकर लोग जलाने लगे। इस बीच किसी ने सूचना पुलिस के उच्च अधिकारियों को दे दी। तब वारिसलीगंज थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ¨सह, शाहपुर ओपी प्रभारी रंजीत कुमार दलबल के साथ पहुंचे और दमकल से आग बुझाकर चिता से अधजली शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच एसपी विकास वर्मन भी पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच की। वैसे घटना के कारण को लेकर कई तरह की चर्चाएं है।

कहते हैं एसपी

-घटनास्थल पर पहुंचे एसपी ने मामले की जांच के बाद कहा कि धान चोरी करने से इंकार करने पर उसकी पिटाई की गई। जिससे उसकी मौत हो गई। उसे गोली मारी गई या नहीं यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आएगा। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए उसके घर व अन्य ठिकाने पर छापेमारी की गई, लेकिन वह नहीं मिला। उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।

By Jagran