नवादा के डैम में तैरेंगे सोलर पैनल, दिसंबर तक शुरू हो सकता है बिहार का सबसे बड़ा फ्लोटिंग प्लांट
नवादा के रजौली स्थित फुलवरिया डैम में बिहार का सबसे बड़ा 10 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगभग तैयार है, जिसे दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य है।

फुलवरिया डैम पर लगाए गए सोलर प्लेट। जागरण
संवाद सूत्र, रजौली (नवादा)। नवादा जिले के रजौली प्रखंड की हरदिया पंचायत स्थित फुलवरिया डैम में बिहार का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगभग तैयार हो चुका है।
इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है और अब केवल केबल बिछाने सहित कुछ जरूरी काम शेष हैं।
सूर्यम इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक केके सिंह ने बताया कि सोलर प्लांट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अब केबल बिछाने का काम बाकी है। इसके पूरा होते ही प्लांट को चालू करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
10 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता
फुलवरिया डैम में स्थापित इस फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की उत्पादन क्षमता 10 मेगावाट है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 1.60 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन होने का अनुमान है।
उत्पादित बिजली को रजौली ग्रिड पावर हाउस तक पहुंचाया जाएगा। इससे आसपास के करीब 90 गांवों में बिजली आपूर्ति बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पानी पर तैरेंगे सोलर पैनल, मछली पालन भी रहेगा जारी
इस परियोजना की खासियत यह है कि डैम की करीब 30 एकड़ जल सतह पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। इससे बिजली उत्पादन के लिए जमीन की जरूरत कम होगी। साथ ही, जल सतह पर पैनल लगाने से पानी के वाष्पीकरण में भी कमी आने की उम्मीद है।
इस व्यवस्था से जलाशय में मछली पालन का काम भी जारी रखा जा सकेगा। इस तरह परियोजना के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ जल संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
25 वर्षों तक 3.87 रुपये प्रति यूनिट की दर से मिलेगी बिजली
यह परियोजना रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी (रेस्को) मॉडल के तहत विकसित की जा रही है। इसमें निजी कंपनी ने निर्माण के लिए निवेश किया है।
योजना के अनुसार, बिहार राज्य बिजली कंपनी को अगले 25 वर्षों तक 3.87 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
इस व्यवस्था से राज्य को लंबे समय तक निर्धारित दर पर सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हालांकि, बिजली आपूर्ति की शुरुआत परियोजना के चालू होने और संबंधित प्रक्रियाएं पूरी होने पर निर्भर करेगी।
पर्यटन की संभावनाओं को भी मिलेगा बढ़ावा
पहाड़ों और जंगलों के बीच स्थित फुलवरिया डैम में इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
साथ ही, डैम की प्राकृतिक सुंदरता और फ्लोटिंग सोलर प्लांट के कारण पर्यटन की संभावनाएं भी विकसित हो सकती हैं।
दिसंबर 2026 तक प्लांट चालू करने का लक्ष्य पूरा होने पर नवादा जिले को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
