नवादा [जेएनएन]। पति का दबाव था कि बेटा पैदा करो या फिर दहेज के रूप में मायके से बाइक लेकर आना। पति का ये फरमान मां की ममता पर भारी पड़ी और उसने अपनी नवजात बच्ची को ममता की छांव देने से इंकार कर दिया। अंतत: नानी ने बच्ची की परवरिश की जिम्मेदारी ली। हालांकि, अब ये  मामला गरमा गया है। बाल संरक्षण इकाई से लेकर पुलिस तक ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही  पति पर कार्रवाई हो सकती है। 

पकरीबरावां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  में बुधवार देर रात लोदीपुर गांव निवासी इंद्रदेव चौधरी की 21 वर्षीय पत्नी ममता देवी ने एक सुंदर कन्या को जन्म दिया। जैसे ही ममता को बेटी होने का पता चला उसने उसे अपनाने से इंकार कर दिया। वहां मौजूद लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि एक मां ऐसा क्यों कर रही है। प्रसूता की मां सुशीला देवी ने जब पूरा मामला बताया तो लोग भौंचक्क रह गए। 

दरअसल, ममता को प्रसव पीड़ा से कहीं ज्यादा दर्द उसके पति ने पहले से ही दे रखा था। तीन साल पूर्व जब ममता की शादी हुई तभी से उसका पति दहेज में बाइक मांग रहा था।  मायके वाले सक्षम नहीं थे, इसलिए बाइक के लिए अक्सर ममता देवी को पीटा जाता था। इस बीच जब वह  गर्भवती हुई तो उसे यह कहते हुए मायके थालपोस गांव भेज दिया गया कि बेटा पैदा करना या बाइक लेकर  घर आना। 

लोगों ने मामले की जानकारी थाने व बाल संरक्षण इकाई को दी। बाल संरक्षण पदाधिकारी वंदना कुमारी, एसआइ दीपक कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक कानन प्रिया,चिकित्सक अखिलेश प्रसाद आदि ने महिला को काफी समझाया।

सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया लेकिन, पति के डर से वह ममता देवी ने किसी की एक नहीं सुनी। अंत में नवजात की नानी आगे आई और बच्ची के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठाई। अब पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। 

By Kajal Kumari