चालू शैक्षणिक सत्र के 36 दिन समाप्त होने के बावजूद गरीब बच्चों का नामांकन अबतक निजी विद्यालयों में नहीं हो सका है। ऐसे में गरीब बच्चे अब भी निजी विद्यालयों में नामांकन व शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। विभाग की माने तो शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिले के 262 आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले 3300 बच्चों का नामांकन कराया जाना है।

समाहर्ता ने शनिवार को आइसीडीएस की समीक्षा बैठक में सभी सीडीपीओ को 24 घंटे के अंदर संबंधित बच्चों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। ऐसे में नामांकन में अभी और विलंब होना तय माना जा रहा है। इसके पूर्व नामांकन के लिए अभिभावकों से 22 से 28 अप्रैल तक आवेदन की मांग की गई थी।

आवेदन प्राप्त करने की तय तिथि समाप्त हो गई और अबतक जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास बच्चों की सूची नहीं पहुंची। बच्चों की सूची पहुंचने के बाद ही उसका अनुमोदन कर सीआरसीसी को सौंपने का प्रावधान है। लेकिन जिस प्रकार की शिथिलता बरती जा रही है उससे देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि अभी एक सप्ताह आवेदन लेने में ही लग जाएंगे। ऐसे में गरीब बच्चों का नामांकन हो भी जाए तो उन्हें कोर्स की भरपाई करने में समय लगेगा। फिर कोर्स पूरा हो भी पाएगा इसमें संदेह है।

इस मामले में प्रगति नहीं होने के पीछे निजी विद्यालय संचालकों व अधिकारियों की मिलीभगत बताई जा रही है। स्कूल संचालक गरीब बच्चों का नामांकन लेने के प्रति बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं दिखता है। इस हाल में निजी विद्यालयों में नामांकन हो भी सकेगा इसमें अभिभावकों को अब भी संदेह है।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran