जिला शिक्षा विभाग के पास भवन निर्माण के लिए एक वर्ष से राशि उपलब्ध रहने के बावजूद कई स्कूलों को अपना भवन नसीब नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जिले के 95 प्राथमिक विद्यालयों का संचालन मंदिर, दालान व सामुदायिक विकास भवनों में किया जा रहा है। उक्त भवनों के निर्माण के लिए 06 करोड़ 60 लाख रुपये एक वर्ष पूर्व ही विभाग को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

बताया जाता है कि अकबरपुर, नरहट, रजौली व रोह प्रखंडों में 4-4, सर्वाधिक सिरदला में 07, काशीचक, पकरीबरावां, वारिसलीगंज व नारदीगंज में 2-2, गोविदपुर व हिसुआ में एक-एक सहित अन्य प्रखंडों के कई विद्यालयों को अपना भवन नहीं है। राशि उपलब्ध रहने के बावजूद भूमि के अभाव में भवन का निर्माण नहीं कराया जा रहा है।

जानकार बताते हैं कि वैसे ग्रामीण क्षेत्रों में इन विद्यालयों की कोई आवश्यकता ही नहीं थी। राजनीतिक कारणों से विद्यालय की स्वीकृति तो मिल गई, लेकिन भवन के लिए कोई भूमि देने को तैयार नहीं है। उक्त स्थानों पर सरकारी भूमि भी नहीं है जहां भवन का निर्माण कराया जा सके। ऐसे में इन विद्यालयों की कोई उपयोगिता नहीं रह गई है। इन विद्यालयों के शिक्षक घर बैठे वेतन ले रहे हैं तो एमडीएम की जमकर कालाबाजारी हो रही है। इन विद्यालयों से बच्चों से ज्यादा शिक्षकों व अधिकारियों को लाभ मिल रहा है।

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Posted By: Jagran