नवादा: अखिल भारतीय किसान महासभा नवादा की बैठक होटल कृष्णा पैलेस के सभागार में सोमवार को हुई। अध्यक्षता संगठन के जिला सह संयोजक जगदीश प्रसाद चौहान ने की। बैठक के दौरान तीनों कृषि काले कानूनों की वापसी को लेकर दिल्ली बोर्डर पर आंदोलनरत किसानों के आर्थिक मदद के लिए कोष संग्रह कर 31 अगस्त तक दिल्ली भेजने का निर्णय लिया गया। दस हजार किसानों को सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया। साथ ही 26 व 27 अगस्त को सिधु बॉर्डर पर आयोजित होने वाले संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में नवादा से बड़ी संख्या में भाग लेने का निर्णय लिया गया। किसान महासभा के राज्य सह सचिव राजेन्द्र पटेल ने कहा कि मोदी की हठधर्मिता के कारण किसान संगठन आंदोलन को 2024 तक चलाएगा। और जब तक कानूनों को वापस नहीं लेते हैं, किसान आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि एमएसपी को कानूनी दर्जा देना होगा। इसी विषयों पर विचार विमर्श के लिए दिल्ली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा का राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। और आगे की रणनीति जाएगी । किसान आंदोलन का मजबूत बनाने के लिए किसान महासभा का सदस्यता भर्ती अभियान व कोष संग्रह के लिए योजना बनाई गई है। इसके अलावा वारिसलीगंज चीनी मिल को चालू करने ,सकरी नाटा जोड परियोजना को लागू करने, यूरिया खाद सभी किसानो को उपलब्ध कराने की गारंटी करने समेत अन्य मांगों को जोरदार तरीके से उठाने की बात कही। भाकपा माले जिला सचिव नरेन्द्र प्रसाद सिंह ने बटाईदार किसानों को संगठित कर पहचान पत्र बनाने एवं सभी तरह के सुविधा दिलाने के लिए आंदोलन चलाने पर बल दिया। मौके पर प्रफुल पटेल, अरूण कुमार, सुमन यादव, कृष्णा मांझी, राजबल्लभ यादव, अमेरिका सिंह, जयमंति देवी, टुनटुन तांती समेत अन्य लोग शामिल थे।

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