जिला कृषि पदाधिकारी अरविद कुमार झा ने कहा है कि जिले में फसल कटनी का कार्य अंतिम चरण में है। अगले चार-पांच दिनों में यह कार्य समाप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि फसल कटनी के लिए प्रशासन के सहयोग व अनुमति से राज्य के बाहर से आए हार्वेस्टर चालक यंत्र से कटनी समाप्त होने के बाद अपने जिला अथवा अपने राज्य वापस लौट गए हैं। उन चालकों में कोरोना से संबंधित किसी प्रकार के कोई लक्षण नहीं होने की सूचना प्राप्त थी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को कृषि मंत्री की अध्यक्षता में जूम एप के माध्यम से आयोजित बैठक में यह जानकारी दी गई है। आवदेन सत्यापन का कार्य शुरू

डीएओ ने बताया कि मार्च महीने में हुई अत्याधिक वर्षा, आंधी व ओलावृष्टि के कारण प्रभावित फसलों के लिए कृषि इनपुट अनुदान के लिए जिला में किसानों के लगभग कुल 1 लाख 41 हजार 828 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसका सत्यापन संबंधित पंचायत की कृषि समन्वयक द्वारा शुरू कर दिया गया है। लॉकडाउन की परिस्थिति में सत्यापन कार्य में किसी प्रकार की कोई असुविधा से बचने के लिए सभी कृषि समन्वयकों को परिचय पत्र व पास निर्गत किया गया है। निर्धारित समय सीमा के अन्दर ऑनलाइन प्राप्त सभी आवेदनों को सत्यापन उपरांत आगे फॉरवार्ड करने का निर्देश दिया गया है। सत्यापन कार्य में गड़बड़ी न हो, इसके जिला जिला स्तरीय पदाधिकारियों का जांच दल गठित कर प्रखंड आवंटित किया गया है। जो प्रत्येक दिन प्राप्त आवेदन एवं उसे निष्पादन की समीक्षा संबंधित प्रखंड के कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, सहायक तकनीकी प्रबंधक करेंगे। सही तरीके से करें आवेदन

मंत्री ने निर्देश दिया है कि किसानों के आवेदनों के आधार पर फसल क्षति की सही तरीके से जांच करने के बाद ही योग्य किसानों को कृषि इनपुट अनुदान की राशि भुगतान की जाए तथा चालू गरमा मौसम अंतर्गत मूंग एवं उड़द बीज का वितरण ससमय किसानों के बीच किया जाए। मंत्री द्वारा कृषक उत्पादक संगठन, कृषक हित समूह, खाद्य सुरक्षा समूह से जुड़े कृषकों द्वारा उत्पादित विभिन्न उत्पादों के बिक्री, भंडरण एवं प्रसंस्करण आदि को सुविधापूर्वक कराने का निर्देश दिया गया तथा वर्तमान लॉकडाउन की परिस्थिति में इन कृषकों को फूड प्रोसेसिग से जुड़े कुटीर उद्योगों जैसे आलू के पापड़-चिप्स निर्माण, मशरूम समेत सब्जियों की पैकेजिग के लिए प्रोत्साहित कर मार्केटिग को बढ़ावा देने को कहा गया, ताकि किसानों के जीविकोपार्जन एवं आर्थिक स्थिति को और ज्यादा बेहतर बनाया जा सके। कृषि मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि लॉकडाउन की परिस्थिति में जिला के सभी कृषि उपादान विक्रेताओं के प्रतिष्ठान खुले रहें ताकि कटनी, दौनी, गरमा की बोआई में किसानों को उपादानों के क्रय में कोई परेशानी न हो।

Posted By: Jagran

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