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पिछले दिनों नवादा नगर स्थित प्राइवेट नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान पूजा देवी नामक गर्भवती महिला के जान पर आफत आ गई। महिला को ओ पॉजिटिव खून की जरुरत थी। रात का वक्त होने से महिला के मरीज परेशान हो उठे। इधर-उधर काफी ढूंढा, लेकिन इस ग्रुप का ब्लड नहीं मिला। फिर सोशल मीडिया पर रक्तदाता की तलाश होने लगी। बात हेल्पर्स ग्रुप ऑफ नवादा के मुखिया सौरभ कुमार भीम तक पहुंची। तब उन्होंने तत्काल अपनी सूची से एक मित्र को ढूंढा और रक्तदान कराकर महिला को नई जिदगी प्रदान की। वैसे यह कोई नया या एकमात्र मामला नहीं है, जब सौरभ ने रक्तदान कराकर जरूरतमंदों की जिदगी दी है। छह सालों से लगातार रक्तदान का अभियान चलाकर सौरभ जरूरतमंदों की जिदगियां बचाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने खुद दो दर्जन बार रक्तदान किया तो तकरीबन 300 से अधिक लोगों से रक्तदान कराकर दूसरों की जिदगी बचाई है। रक्तदान से वे इंसानियत का रिश्ता कायम कर रहे हैं। सौरभ नवादा नगर के वीआइपी मोहल्ले के रहने वाले हैं।

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नवादा के बाहर भी करते हैं मदद

- छह सालों से लोगों की जिदगी बचाने की मुहिम से जुटे सौरभ न केवल नवादा बल्कि बिहारशरीफ, पटना सहित अन्य शहरों में किसी जरुतमंद की तकलीफ की सूचना मिलती है तो वे मदद के लिए फौरन तैयार हो जाते हैं। उन्होंने बिहार के बाहर दिल्ली में 6, लखनऊ में 4, रांची में 3 बार जरूरतमंद मरीजों के लिए खून की व्यवस्था कराई। वे बताते हैं कि दूसरे जिलों में रहने वाले अपने परिवार के सदस्यों और मित्रों से संपर्क कर रक्तदाता की तलाश पूरी करते हैं। इसमें हेल्पर्स ग्रुप के सदस्यों का भी अहम योगदान होता है। ग्रुप के राजा यादव, अंकित आर्या, मनीष दांगी, अभिषेक कुमार समेत दर्जनों साथी इस नेक कार्य में पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं।

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सोशल मीडिया का मिल रहा साथ

- सौरभ बताते हैं कि खून की कमी से जूझ रहे मरीजों की जान बचाने में सोशल मीडिया का भी अहम साथ मिलता है। मरीजों के परिजनों के साथ ही उनके कार्यों से प्रेरित होकर फेसबुक, वाट्सएप के जरिए कई युवा संपर्क करते हैं। आज रक्तवीरों की एक फौज खड़ी है। ग्रुप में 90 से अधिक सदस्य हैं तो सोशल मीडिया पर कई इच्छुक लोग संपर्क कर रक्तदान करते हैं। इस दौरान होने वाले खर्च को सौरभ खुद वहन करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक हेल्पलाइन नंबर 7870000178 जारी कर रखा है। जिसपर जरूरतमंद लोग संपर्क करते हैं।

Posted By: Jagran

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