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नवादा में सावर्ण भूमिहार महाभोज: अनंत सिंह सहित कई दिग्गज नेता हुए शामिल, दिखा सामाजिक एकजुटता का भव्य नजारा

Published: Wed, 26 Aug 2026 05:54 PM (GMT+05:30)

नवादा के वारिसलीगंज स्थित माफी गढ़ मैदान में स्व. सुजान देवी के श्राद्धकर्म पर विशाल सावर्ण गोत्रीय भूमिहार महाभोज का ...और पढ़ें

50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान

50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान

HighLights

  1. वारिसलीगंज के माफी गढ़ मैदान में विशाल महाभोज आयोजित.

  2. मोकामा विधायक अनंत सिंह समेत कई नेता हुए शामिल.

  3. करीब 50 हजार लोगों ने सामाजिक एकजुटता का परिचय दिया.

संवादसूत्र, वारिसलीगंज। वारिसलीगंज का ऐतिहासिक माफी गढ़ मैदान बुधवार को सावर्ण गोत्रीय भूमिहार महाभोज का साक्षी बना। स्व. सुजान देवी के श्राद्धकर्म के अवसर पर आयोजित महाभोज में बिहार के विभिन्न जिलों के साथ उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश और नेपाल से भी लोग पहुंचे। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर सामाजिक एकजुटता का परिचय दिया।

अनंत सिंह समेत कई नेता हुए शामिल

मोकामा विधायक अनंत सिंह निर्धारित समय पर कार्यक्रम में पहुंचे। उनके अलावा विधान पार्षद नीरज कुमार, परबत्ता के पूर्व विधायक संजीव कुमार, पूर्व जिला पार्षद अखिलेश सिंह, कांग्रेस के पूर्व नवादा जिलाध्यक्ष सतीश कुमार उर्फ मंटन सिंह, जिला पार्षद अंजनी कुमार और पूर्व विधायक अरुणा देवी समेत कई नेता व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

पांच दिनों से चल रही थी तैयारी

महाभोज को लेकर माफी गांव में कई दिनों से चहल-पहल बनी हुई थी। माफी गढ़ मैदान में पांच दिन पहले से ही भव्य पंडाल लगाया गया था। आयोजन की व्यवस्था में करीब छह दर्जन हलवाई जुटे रहे। रास्ते में आधा दर्जन तोरण द्वार बनाए गए थे।

सैकड़ों युवाओं ने संभाली भोजन व्यवस्था

आगंतुकों को भोजन परोसने के लिए गांव के सैकड़ों युवाओं ने अलग-अलग टोली बनाकर सेवा की। आयोजन की तस्वीरें और वीडियो बनाने के लिए कई यूट्यूबर भी मौके पर मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

200 बैग चीनी, 30 हजार लीटर दूध

आयोजकों के अनुसार महाभोज में करीब 200 बैग चीनी, 30 हजार लीटर दूध, 100 क्विंटल आलू और 20 क्विंटल परवल मंगाया गया। करीब छह दर्जन हलवाई मिठाई और खास तौर पर रसगुल्ला बनाने में जुटे रहे।

50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान

बुधवार दोपहर शुरू हुआ भंडारा गुरुवार सुबह तक चला। आयोजकों ने करीब 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान जताया। ग्रामीणों के अनुसार माफी गढ़ मैदान में इतने बड़े आयोजन का यह पहला अनुभव था, जिसने सामाजिक एकजुटता और परंपरा की भव्य तस्वीर पेश की।