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नवादा में 99 लाख का बैराज बना शो-पीस, 12 गांवों तक सिंचाई के लिए नहीं पहुंच रहा पानी

Published: Tue, 11 Aug 2026 03:49 PM (IST)

नवादा के नारदीगंज प्रखंड में 99 लाख की लागत से बना बैराज विभागीय उदासीनता के कारण शोपीस बनकर रह गया ...और पढ़ें

99 लाख का बैराज बना शो-पीस

99 लाख का बैराज बना शो-पीस

HighLights

  1. नारदीगंज में 99 लाख का बैराज बना शोपीस।

  2. 12 गांवों के किसानों को सिंचाई नहीं मिल रही।

  3. पइन में गाद, कचरा भरने से फसलें सूख रहीं।

अमरेन्द्र कुमार मिश्र, नारदीगंज (नवादा)। नारदीगंज प्रखंड में सरकार की लाखों की लागत से बनी महत्वाकांक्षी योजना विभागीय उदासीनता के कारण सफेद हाथी साबित हो रहा है। तिलैया नदी पर 99 लाख रुपये की लागत से बने बैराज से आज तक एक बूंद पानी किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे ''धान का कटोरा'' कहे जाने वाले क्षेत्र के बारह गांवों के अन्नदाता मायूस हैं। 

यह पइन ननौरा और मसौढ़ा पंचायत के बारह गांव के भूमि को सिंचित करने का मुख्य जल स्त्रोत है। 

99 लाख रुपये की लागत से बैराज का निर्माण 

किसानों का कहना है कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा वर्ष 2022 में बरहगइयां पइन के मुहाने पर 99 लाख रुपये की लागत से बैराज का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। वर्ष 2023 में यह बनकर तैयार हो गया। 

उसके बाद छह अप्रैल 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, तत्कालीन उप मुख्यमंत्री और तत्कालीन लघु जल संसाधन मंत्री ने इसका ऑनलाइन उद्घाटन किया था। उद्घाटन को तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन बदइंतजामी के कारण आज भी यह बैराज केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गया है।

बरहगइयां पइन में भरा हुआ है गाद, इसकी उड़ाही की कोई हिम्मत नहीं जुटाता

लोगों का कहना है कि नारदीगंज प्रखंड के बिक्कू गांव के पास तिलैया नदी से निकले बरहगइयां पइन पर क्षेत्र के बरियो,बलवा पर, गोतराइन, बुच्ची, ननौरा, मसौढ़ा, तरौनी, तिलकचक, बिलाईचक, चिरैयां, रजौर,भदौर गांवों के खेतों की सिंचाई निर्भर है। पहले नदी में बाढ़ आने पर इन बारह गांवों में धान की बंपर फसल होती थी।

लेकिन वर्तमान में यह महत्वपूर्ण पइन बुरी तरह सिल्ट (गाद) से भर चुका है। यह पइन नारदीगंज बाजार के बीचों-बीच से गुजरता है, जहां स्थानीय लोगों द्वारा घरों का कचरा फेंका जाता है। 

पैन में शीशे के टुकड़े, सुई और लोहे की कीलें फेंके जाने के कारण अब ग्रामीण पारंपरिक श्रमदान (गोमाम) से इसकी सफाई करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं। पइन की हालत देखकर रोंगटे खड़े हो जाते है। इसमें जलकुंभी भी भरा हुआ है। इसे सफाई के दौरान कई लोग जख्मी हो चुके हैं। विभागीय स्तर पर भी इसकी सुध नहीं ली जा रही है। यह गंभीर चिंता का विषय है।

हर साल उनकी सूख जाती है फसलें 

स्थानीय किसान सह जागरण पंचायत क्लब ननौरा के अध्यक्ष संजय कुमार, पैक्स अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार,बैजू कुशवाहा, अखिलेश कुमार सुमन,मनोज शर्मा ,राम बच्चन सिंह समेत अन्य ने बताया कि पानी के अभाव में हर साल उनकी फसलें सूख जाती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। 

इसके लिए जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है। किसानों की सुविधाओं पर विभाग और जनप्रतिनिधियों का प्राथमिकता से ध्यान होना चाहिए।